LIC ने FY 2020-21 में कोई लाभांश नहीं दिया, फ्री रिजर्व का इस्तेमाल कर पेड-अप कैपिटल बढ़ाया

राज्यसभा में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने कहा कि बीमा दिग्गज कंपनी, जो IPO लानेवाली है, ने सरकार को 2018-19 में अर्जित लाभ से संबंधित लाभांश के रूप में ₹2,610.75 करोड़ का भुगतान वित्त वर्ष 2019-20 में किया है.

LIC ने FY 2020-21 में कोई लाभांश नहीं दिया, फ्री रिजर्व का इस्तेमाल कर पेड-अप कैपिटल बढ़ाया

LIC का Paid-up capital 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़कर ₹ 6,324.99 करोड़ हो गया है.

नई दिल्ली:

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार को कोई लाभांश नहीं दिया है. सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) में बताया कि इस दौरान कंपनी ने अपना पेड अप कैपिटल बढ़ाने के लिए फ्री रिजर्व का इस्तेमाल किया, जो अब बढ़कर ₹6,325 करोड़ हो गया है.

राज्यसभा में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड (Minister of State for Finance Bhagwat Karad) ने कहा कि बीमा दिग्गज कंपनी, जो IPO लानेवाली है, ने सरकार को 2018-19 में अर्जित लाभ से संबंधित लाभांश के रूप में ₹2,610.75 करोड़ का भुगतान वित्त वर्ष 2019-20 में किया है.

8.65 अरब डॉलर मूल्यांकन के साथ LIC दुनिया का 10वां सबसे मूल्यवान बीमा ब्रांड

LIC से प्राप्त आंकड़ों का हवाला देते हुए, वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने कहा कि 2020-21 में कोई लाभांश का भुगतान नहीं किया गया है क्योंकि भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने बीमाकर्ताओं को 31 मार्च 2020 को खत्म हो रहे वित्तीय वर्ष से संबंधित लाभांश का भुगतान से बचने का निर्देश दिया था.

मंत्री ने बताया कि IRDAI का निर्देश कोरोनावायरस महामारी के मद्देनजर आया था ताकि कंपनियां आकस्मिक दायित्वों (यदि कोई हो) को पूरा करने के लिए पूंजी आरक्षित कर सके. 

LIC का IPO मार्च में आएगा, अगले हफ्ते SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर फाइल करेगी सरकार

कराड ने एक लिखित उत्तर में कहा, "सरकार ने LIC द्वारा दिए गए एक आवेदन पर, उसे पेड अप कैपिटल बढ़ाने के लिए फ्री रिजर्व का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी. इसके परिणामस्वरूप, LIC  का Paid-up capital (चुकता पूंजी) 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़कर ₹ 6,324.99 करोड़ हो गया है."

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

केंद्र सरकार द्वारा इस महीने बाजार नियामक सेबी के पास एलआईसी के मेगा आईपीओ के लिए मसौदा कागजात दाखिल करने की उम्मीद है. इससे एलआईसी का एम्बेडेड मूल्य ₹5 लाख करोड़ से अधिक होने का अनुमान है.