खास बातें
- किंगफिशर एयरलाइन के पायलटों ने धमकी दी है कि यदि उन्हें वायदे के मुताबिक, मई का वेतन आज न मिला तो वे इसकी शिकायत नियामक डीजीसीए से करेंगे।
मुंबई: किंगफिशर एयरलाइन के पायलटों ने धमकी दी है कि यदि उन्हें वायदे के मुताबिक, मई का वेतन आज न मिला तो वे इसकी शिकायत नियामक डीजीसीए से करेंगे। वैसे, डीजीसीए पहले ही कह चुका है कि वेतन का विषय उसके दायरे में नहीं आता।
विमानन कंपनी के सूत्रों ने बताया, हमने एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी को पत्र लिखा है कि यदि आज वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है तो हम नागर विमानन महानिदेशालय से सम्पर्क कर हस्तक्षेप करने को कहेंगे। विमानन कंपनी ने मई से अपने 4,000 कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया है।
इससे पहले प्रबंधन ने आश्वस्त किया था कि उनके सात महीने के बकाया वेतन में से तीन महीने के वेतन का भुगतान अलग-अलग चरणों में दीपावली तक कर दिया जाएगा।
विमानन कंपनी का परिचालन 1 अक्तूबर से बंद है, जबकि उसके पायलटों और इंजीनियरों ने वेतन के भुगतान के संबंध में हड़ताल की थी। कंपनी के उड़ान लाइसेंस को भी अस्थाई तौर पर स्थगित कर दिया गया है।
हालांकि विमानन कंपनी का प्रबंधन किसी तरह उनका आंदोलन खत्म कराने में कामयाब हुआ और आश्वासन दिया कि दीपावली तक तीन किस्तों में मार्च से मई तक के बकाये का भुगतान करेगी। इसके बाद आंदोलन 24 अक्तूबर हड़ताल वापस ले ली गई। इस बीच डीजीसीए से एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, वेतन कंपनी का आंतरिक मामला है, जिसका समाधान प्रबंधन और कर्मचारियों में मिलकर करना है। हमारी चिंता सुरक्षा से जुड़ी और हमने इसके कारण कंपनी का उड़ान लाइसेंस अस्थाई तौर स्थगित कर दिया है। अधिकारी ने हालांकि कहा कि इन मामलों पर उस वक्त निश्चिततौर पर विचार किया जाएगा जब विमानन कंपनी पुनरुद्धार योजना पेश करेगी।