यह ख़बर 06 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

मोबाइल कंपनियों को डीजल सब्सिडी के खिलाफ हैं रमेश

खास बातें

  • पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने मोबाइल कंपनियों और लग्जरी कारों के मालिकों को डीजल पर मिल रही सब्सिडी का विरोध किया है।
New Delhi:

पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने मोबाइल कंपनियों और लग्जरी कारों के मालिकों को डीजल पर मिल रही सब्सिडी का विरोध किया है। रमेश ने कहा है कि इसके बजाय वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रसोई गैस पर छूट मिलनी चाहिए, जिससे पेड़ों को बचाया जा सके। रमेश ने कहा कि डीजल सब्सिडी का मकसद कृषि क्षेत्र के लोगों को लाभ प्रदान करना है। पर आज यह सब्सिडी लग्जरी कारों के मालिकों और मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले हम-आप जैसे लोगों को मिल रही है। रमेश ने विश्व पर्यावरण दिवस पर संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की हरित अर्थव्यवस्था एवं वन विषय पर रिपोर्ट जारी करते हुए संवाददाताओं से कहा, देश में 4,50,000 मोबाइल टावर हैं और सभी में डीजल का इस्तेमाल होता है। ऐसे में डीजल पर सब्सिडी क्यों मिलनी चाहिए। गैर सरकारी संगठन ग्रीनपीस की हाल में जारी रपट में कहा गया है कि दूरसंचार कंपनियों द्वारा टावरों को बिजली देने के लिए डीजल का इस्तेमाल होता है। इससे सरकार को सालाना सब्सिडी के रूप में 2,600 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। देश के वन क्षेत्रों के 1,72,000 गांवों को रसोई गैस सब्सिडी देने की वकालत करते हुए रमेश ने कहा, सिर्फ एक महत्वपूर्ण उपाय से सरकार इन क्षेत्रों के वनों को बचा सकती है। उन्होंने कहा कि इन गांवों के लोग खाना पकाने के लिए वनों पर निर्भर हैं। ऐसे में उन्हें रसोई गैस सब्सिडी प्रदान करने की काफी आवश्यकता है।


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