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खास बातें
- ब्लैकबेरी को खरीदने का सौदा करने वाली कंपनी फेयरफैक्स के मालिक प्रेम वत्स भारतीय हैं। प्रेम वत्स का जन्म 1950 में हैदराबाद में हुआ था।
नई दिल्ली: मोबाइल फोन की दुनिया में एक खास दर्जा रखने वाली ब्लैकबैरी अब अपने ग्राहकों को तरस रही है और ऐसे में कनाडा की इस कंपनी को खरीदने के लिए फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड ने शुरुआती करार किया है।
फेयरफैक्स के कंसोर्टियम ने इस डील के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की पेशकश की है। ब्लैकबेरी ने एक बयान जारी कर कहा कि वह इस बिक्री के लिए सहमत हो गई है। जरूरी मंजूरियों के बाद यह सौदा पूरा हो जाएगा।
ब्लैकबेरी में पहले से ही फेयरफैक्स की 10 फीसदी हिस्सेदारी है और यह इसकी सबसे बड़ी शेयरधारक है। इस अधिग्रहण के लिए करीब 550 रुपये प्रति शेयर की पेशकश की गई है।
ब्लैकबेरी को खरीदने का सौदा करने वाली कंपनी फेयरफैक्स के मालिक प्रेम वत्स भारतीय हैं। प्रेम वत्स का जन्म 1950 में हैदराबाद में हुआ और उन्होंने 1971−92 में आईआईटी से केमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद वह कनाडा के ऑन्टेरियो चले गए। वहां उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑन्टेरियो से एमबीए की डिग्री ली और 1974 में टोरंटो में Confederation Life Insurance Co. से अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की।
1985 में प्रेम वत्स ने फेयरफैक्स की कमान संभाली। शुरू के 15 सालों तक उन्होंने मीडिया से कोई वास्ता नहीं रखा और 2001 में पहली बार उन्होंने इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस कॉल्स की शुरुआत की। कई लोग उन्हें कनाडाई वॉरेन बफेट कहते हैं।