GST Council Meet: ऑनलाइन गेमिंग और कसीनो पर 28% टैक्स की चर्चा के बीच इन मुद्दों पर नजर

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में और सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों की जीएसटी परिषद की 47वीं बैठक 29 जून तक चलेगी. परिषद की बैठक छह महीने बाद हो रही है. जीएसटी परिषद में राज्यों के वित्त मंत्रियों के समूह की दो रिपोर्टें भी पेश की जाएंगी.

GST Council Meet: ऑनलाइन गेमिंग और कसीनो पर 28% टैक्स की चर्चा के बीच इन मुद्दों पर नजर

GST काउंसिंल की 47वीं बैठक में लिए जा सकते हैं अहम फैसले. (वित्तमंत्री की फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

जीएसटी परिषद की मंगलवार को 47वीं बैठक शुरू हो गई है. चंडीगढ़ में हो रही इस बैठक में कुछ वस्तुओं की कर दरों में बदलाव किए जाने की संभावना है. इसके अलावा राज्यों को केंद्र की ओर से क्षतिपूर्ति की व्यवस्था और छोटे ई-कॉमर्स आपूर्तिकर्ताओं के पंजीकरण नियमों में राहत जैसे मुद्दों पर भी बैठक के दौरान चर्चा होगी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में और सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों की जीएसटी परिषद की 47वीं बैठक 29 जून तक चलेगी. परिषद की बैठक छह महीने बाद हो रही है. जीएसटी परिषद में राज्यों के वित्त मंत्रियों के समूह की दो रिपोर्टें भी पेश की जाएंगी.

हम यहां बिंदुओ में एक बार नजर डाल रहे हैं कि इस बैठक में किन अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है और किस तरह के फैसले निकलकर सामने आ सकते हैं. 

1. राज्यों को केंद्र की ओर से दिया जाने वाला मुआवजा बड़ा मुद्दा

विपक्ष शासित राज्य राजस्व घाटे की क्षतिपूर्ति को जारी रखने की पुरजोर वकालत करेंगे. दूसरी ओर केंद्र ऐसे किसी कदम को तंग राजकोषीय स्थितियों का हवाला देते हुए रोकना चाहेगा. जीएसटी (क्षतिपूर्ति कोष में कमी को पूरा करने के लिए केंद्र ने 2020-21 में 1.1 लाख करोड़ रुपये और 2021-22 में 1.59 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया और राज्यों को जारी किया. उपकर संग्रह में कमी की वजह से ऐसा किया गया.45वीं बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि राज्यों को राजस्व की कमी के लिए मुआवजे का भुगतान करने की व्यवस्था अगले साल जून में समाप्त हो जाएगी.

देश में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को एक जुलाई 2017 से लागू किया गया था और राज्यों को जीएसटी के कार्यान्वयन के कारण होने वाले किसी भी राजस्व के नुकसान के एवज में पांच साल की अवधि के लिए क्षतिपूर्ति का भरोसा दिया गया था.

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2. जीएसटी का विस्तार

बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ के सकल राजस्व पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है. मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों के समूह (जीओएम) की तरफ से पेश रिपोर्ट पर जीएसटी परिषद की बैठक में विचार किया जा सकता है.

कर दरों पर आधिकारियों की समिति या फिटमेंट कमेटी द्वारा प्रस्तावित दरों पर विचार किया जाएगा. समिति ने कृत्रिम अंगों और आर्थोपेडिक प्रत्यारोपण पर एक समान पांच प्रतिशत जीएसटी दर लागू करने की सिफारिश की है. समिति ने रोपवे यात्रा पर जीएसटी दर को वर्तमान में 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने की भी सिफारिश की है.

3. जीएसटी रेट स्लैब को तर्कसंगत बनाने की मांग

कुछ राज्य जीएसटी के रेट को तर्कसंगत बनाने की मांग कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ जैसे कुछ राज्य हैं जो जीएसटी रेट बढ़ाए जाने से ज्यादा टैक्स रेट को तर्कसंगत बनाए जाने की मांग की है. फिलहाल आठ टैक्स स्लैब हैं-  0%, 1%, 2%, 5%, 12%, 18%, 28% and 28% +सेस. कुछ राज्य हैं जो चाहते हैं कि बस 2-3 टैक्स स्लैब ही रखा जाए. इनपुट क्रेडिट के रैशनलाइजेशन को लेकर भी मुद्दा उठ सकता है.

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4. ई-वे बिल और ई-चालान

परिषद दो लाख रुपये और उससे अधिक मूल्य के सोने/कीमती पत्थरों की राज्यों के बीच आवाजाही के लिए ई-वे बिल और ई-चालान अनिवार्य करने पर भी विचार करेगी. यह व्यवस्था 20 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक कारोबार वाली कंपनियों के लिए होगी.

5. पंजीकरण मानदंडों से छूट

इसके साथ ही जीएसटी परिषद ई-कॉमर्स मंच का उपयोग करने के लिए छोटे व्यवसायों को अनिवार्य पंजीकरण मानदंडों से छूट दे सकती है. इसके साथ ही 1.5 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले ई-कॉमर्स आपूर्तिकर्ताओं को कंपोजिशन योजना चुनने की अनुमति होगी, जो कर की कम दर और सरल अनुपालन की पेशकश करती है.

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