यह ख़बर 05 जनवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

सिटी बैंक धोखाधड़ी में विक्रम पंडित पर FIR दर्ज

खास बातें

  • एक व्यवसायी ने शिवराज पुरी सहित 11 अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सिटी बैंक के सीईओ विक्रम पंडित को भी नामजद किया गया।
गुड़गांव:

एक व्यवसायी ने मंगलवार को सिटी बैंक और शिवराज पुरी सहित 11 अन्य के खिलाफ पुलिस में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई, जिसमें प्रबंधक शिवराज पुरी सहित सिटी बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विक्रम पंडित को भी नामजद किया गया है। व्यवसायी ने इसके साथ ही अपने निवेश किए गए 32 करोड़ रुपये वापस करने की मांग की। संजीव अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी (एफआईआर) में बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अलावा सिटी समूह के अध्यक्ष विलियम आर. रोड्स, मुख्य वित्तीय अधिकारी जॉन गर्सपैक और मुख्य संचालन अधिकारी डगलस पीटरसन का भी नाम शामिल किया गया है। डीएलएफ-2 पुलिस थाने में दी गई शिकायत में उसने पुरी और अन्य के खिलाफ खाते में हेरफेर, विश्वासघात और आपराधिक षडयंत्र का आरोप लगाया। सिटी बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर शिवराज पुरी द्वारा की गई जालसाजी मामले में दर्ज की गई यह पहली प्राथमिकी है। पुलिस ने मंगलवार को सिटी बैंक के आरोपी प्रबंधक शिवराज पुरी के माता-पिता दीक्षा और रघुराज पुरी को जांच में सहयोग करने के लिए सम्मन भेजा। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि गुड़गांव पुलिस आयुक्त एसएस देसवाल ने मंगलवार को रघुराज की मुंबई स्थित कंपनी नॉर्मस मार्टिन को पत्र भेजा क्योंकि प्रबंधक के माता-पिता से सम्पर्क नहीं हो पा रहा था। इस बीच पुलिस को सिटी बैंक की गुड़गांव शाखा में कंपनी के आठ खातों का पता चला। शिवराज पुरी पर आरोप है कि उसने ग्राहकों को ऐसे खाते में निवेश करने के लिए प्रेरित किया, जिसका प्रबंधन वह खुद किया करता था। उसने ग्राहकों को प्रलोभन दिया था कि वह उनके पैसे को कम समय में बेहतर मुनाफा देने वाली योजनाओं में निवेश करेगा। पुरी ने कंपनियों और बड़े निवेशकों को झांसा देने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के कुछ जाली दस्तावेज भी बना लिए थे। पुलिस के मुताबिक पुरी ने निवेशकों से अपने खातों में करीब 300 करोड़ रुपये का निवेश कराया था।


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