खास बातें
- सरकार ने बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के फैसले को स्थगित नहीं किया है। यह बात केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कही।
नई दिल्ली: सरकार ने बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के फैसले को स्थगित नहीं किया है। यह बात केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कही। उन्होंने कहा कि यह सरकार की कार्यसूची में है और वह बीमा और पेंशन क्षेत्र में भी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मुद्दे पर सहमति कायम करने की कोशिश कर रही है। मुखर्जी ने यहां पीएचडी चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स की 106वीं सलाना आम बैठक में कहा, "हमने खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की नीति की घोषणा की, लेकिन इसे लागू नहीं कर पाए। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हमने इस नीति को स्थगित कर दिया है।" उन्होंने कहा कि सरकार इस पर सहमति बनाने की कोशिश कर रही है और जैसे ही सहमति बनती है इसे लागू किया जाएगा। सरकार को हाल ही में अपने कुछ सहयोगियों के विपक्ष के साथ विरोध में शामिल हो जाने के कारण बहु ब्रांड खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को अनुमति देने का फैसला वापस लेना पड़ा। मुखर्जी ने कहा कि सरकार बीमा और पेंशन क्षेत्र में भी सुधार के लिए सहमति बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि वह पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र में ही पेश करना चाहते थे, लेकिन उच्च सदन में कम समर्थन के कारण ऐसा नहीं कर पाए। मुखर्जी ने आर्थिक सुस्ती पर कहा कि मौजूदा कारोबारी साल में 7.25 फीसदी से 7.50 फीसदी आर्थिक विकास दर्ज किए जाने की सम्भावना है, जबकि बजटीय अनुमान नौ फीसदी था।