इंडोनेशिया पाम ऑयल के निर्यात पर लगाएगा बैन. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
नई दिल्ली: दुनिया के अग्रणी पाम ऑयल उत्पादक देश इंडोनेशिया के खाद्य तेल निर्यात पर पाबंदी लगाने की घोषणा से बाजार में चिंता बढ़ गई है. भारत अपने कुल खाद्य तेलों के निर्यात का लगभग 60 फीसदी हिस्सा इंडोनेशिया से ही करता है. बैन लागू होने से पहले ही तेल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है. खाद्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, देश के सात शहरों में वनस्पति ऑयल (पैक्ड) का डेली रिटेल प्राइस 13 रुपये से बढ़कर 16 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है. इंडोनेशिया ने घोषणा की है कि वो 28 अप्रैल, 2022 से पाम ऑयल का निर्यात बंद करेगा. यह पाबंदी अगले हफ्ते गुरुवार से प्रभावी होगी और अनिश्चित काल तक लागू रहेगी.
इंडोनेशिया की ओर से पाम ऑयल के बैन की घोषणा तब आई है, जब वनस्पति ऑयल (पैक्ड) की कीमत देश के कुछ शहरों में पिछले दो हफ्तों में लगातार बढ़ रही है. खाद्य मंत्रालय के उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वनस्पति पैक्ड की डेली रिटेल प्राइस दो हफ्तों में (10 अप्रैल से 24 अप्रैल, 2022 के बीच में) 13 रुपये से बढ़कर 16 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है.
दामों में बढ़ोतरी देखने वाले शहर और उनके रेट कुछ ऐसे हैं-
1. राजकोट: रुपये 140/Kg से बढ़कर रुपये 156/Kg (16 रुपये महंगा)
2. भागलपुर: रुपये 146/Kg से बढ़कर रुपये 161/Kg (1 रुपये महंगा)
3. नागपुर: रुपये 167/Kg से बढ़कर रुपये 182/Kg (15 रुपये महंगा)
4. मधुबनी: रुपये 143/Kg से बढ़कर रुपये 158/Kg (15 रुपये महंगा)
5. बांदा: रुपये 150/Kg से बढ़कर रुपये 165/Kg (15 रुपये महंगा)
6. मेरठ: रुपये 145/Kg से बढ़कर रुपये 159/Kg (14 रुपये महंगा)
7. उज्जैन: रुपये 132/Kg से बढ़कर रुपये 145/Kg (16 रुपये महंगा)
इंडस्ट्री ने इंडोनेशिया से इस बारे में बात करने की दी सलाह
कुकिंग ऑयल की राष्ट्रीय औद्योगिक संस्था- Solvent Extractors' Association (SEA) ने सरकार को इस समस्या से निपटने के लिए तुरंत G2G यानी दोनों सरकारों के बीच एक प्रत्यक्ष बातचीत शुरू करने की सलाह दी है. इंडस्ट्री को डर है कि बैन के बाद भारत पर इसका बड़ा प्रतिकूल असर पड़ेगा.
SEA के डायरेक्टर जनरल बीवी मेहता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि 'इंडस्ट्री बैन की उम्मीद नहीं कर रही थी. सोमवार से ही घरेलू बाजार में इसका असर दिखने लगेगा. हमने सरकार को वहां की सरकार से उच्चस्तरीय कूटनीतिक वार्ता करने को कहा है. हमारे बाजार पर इसका गंभीर असर दिखेगा क्योंकि हमारा आधे से ज्यादा पाम ऑयल इंडोनेशिया से आता है, इसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता.'