वाहन कलपुर्जों (Vehicle Components) के लोकेलाइजेशन (Localization) से अन्य देशों पर निर्भरता कम होगी.
नई दिल्ली: घरेलू वाहन उद्योग (Domestic Vehicle Industry) कलपुर्जों के लिए दूसरे देशों, विशेषकर चीन पर निर्भरता कम करने की तैयारी में है. इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के स्थानीयकरण यानी लोकेलाइजेशन (Localization) को बढ़ावा दिया जा रहा है. भारतीय वाहन कलपुर्जा विनिर्माता संघ (Automobile Component Manufacturers Association of India) के अध्यक्ष संजय कपूर ने इस बारे में कई अहम बाते कही हैं. उन्होंने बताया कि एसीएमए (ACMA), सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry Of Heavy Industries) इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लोकेलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विद्युतीकरण (Electrification) की दिशा में बड़े जोर के साथ वाहन कलपुर्जा उद्योग के (Auto Parts Industry) लिए एक बड़ा अवसर है.
इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric vehicle) की मांग बढ़ने के साथ इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण (Electric Vehicle Manufacturing) और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) के तहत वाहन कलपुर्जा क्षेत्र में भी तेजी से बदलाव देख रहा है. इसके तहत उद्योग लगातार निवेश कर रहा है और टेक कंपनियों का अधिग्रहण कर रहा है.
संजय कपूर ने कहा, ‘‘हमें स्थानीयकरण करना जारी रखना होगा. हम एक उद्योग के रूप में बहुत भाग्यशाली हैं कि हम इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग (Electronics Industry) के साथ भी काम कर सकते हैं.'' इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि एसीएमए की कार्यकारी समिति ने इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग से दो सदस्यों को शामिल किया है.
आपको बता दें कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में वाहन कलपुर्जों (Vehicle Components) का आयात 17.2 प्रतिशत की दर से बढ़कर 10.1 अरब डॉलर (79,815 करोड़ रुपये) रहा है.