माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से कई सेक्टर को नुकसान हुए हैं.
नई दिल्ली: रोजमर्रा के उपयोग का सामान बनाने वाली ब्रिटानियामाल एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर शुरुआती झिझक के बाद अपना वितरण नेटवर्क बढ़ाने और स्थानीय कंपनियों से बाजार हिस्सेदारी हासिल करने पर ध्यान दे रही है. कंपनी ने कहा कि नई कर व्यवस्था से समान अवसर आया है. ब्रिटानिया ने विश्लेषकों के समक्ष प्रस्तुती में कहा, 'हमारी मुख्य रणनीति वितरण नेटवर्क बढ़ाना, ग्रामीण क्षेत्र में वृद्धि तथा स्थानीय कंपनियों से बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है.' कंपनी ने यह भी कहा कि इसके अलावा हमारा जिन अन्य क्षेत्रों पर जोर होगा, उयमें नये क्षेत्र में प्रवेश तथा नई उत्पाद श्रेणी में दस्तक देना शामिल है. कंपनी का पूरी तरह खाद्य कंपनी बनने का लक्ष्य है.
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पिछले साल ब्रिटानिया ने यूनान के चिपिता एसए के साथ संयुक्त उद्यम समझौता किया. यह समझौता खाने को तैयार उत्पाद क्रोसैंट्स (फ्रांस में नाश्ते में उपयोग होने वाला खाद्य पदार्थ) का विनिर्माण तथा बिक्री के लिये किया गया.
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कंपनी 70 से अधिक देशों में काम कर रही है. इनमें प्रमुख क्षेत्र पश्चिम एशिया, अफ्रीका, अमेरिका, एशिया प्रशांत तथा दक्षेस हैं. ब्रिटानिया का एकीकृत शुद्ध लाभ जून तिमाही में 1.40 प्रतिशत घटकर 216.12 करोड़ रुपये रहा.
इनपुट: PTI