खास बातें
- बैंकों के कर्मचारी संगठन ने साफ कर दिया है कि अगर कर्ज में डूबे किंगफिशर को बैंक कोई नया कर्ज देते हैं तो वे इसका विरोध करेंगे।
New Delhi: किंगफिशर को बैंको से किसी भी आर्थिक मदद के खिलाफ अब बैंकों के कर्मचारी संगठन ही आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर कर्ज में डूबे किंगफिशर को बैंक कोई नया कर्ज देते हैं तो वे इसका विरोध करेंगे। देशभर में किंगफिशर का कर्ज इससे पहले भी रिस्ट्रकचर किया गया था जहां उनकी ब्याज दरें घटायी गई थीं। कर्ज लौटाने की अवधि बढ़ाई गई और साथ ही कर्ज की रकम को बैंको ने कंपनी में हिस्सेदारी में बदल दिया था लेकिन इन सबके बावजूद कंपनी का घाटा बढ़ता रहा। ऐसे में बैंको की ही तर्ज पर कर्मचारी संगठन भी चाहते हैं कि पहले विजय माल्या किंगफिशर में अपनी तरफ से 800 से 1000 करोड़ रुपये लगाएं।