नई दिल्ली:
दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एयरटेल और सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल महीने भर में 2जी सेवाओं के लिए अखिल भारतीय स्तर पर अंतर-क्षेत्रीय (इंट्रा-सर्किल) रोमिंग समझौते पर हस्ताक्षर करेंगी ताकि एक दूसरे के क्षेत्र में 2जी सेवाएं मुहैया कराई जा सकें जहां उनकी उपस्थिति कम या नहीं के बराबर है।
बीएसएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने कहा, ‘हम जल्दी ही एयरटेल के साथ अखिल भारतीय स्तर पर इंट्रा-सर्किल रोमिंग समझौता करेंगे जिसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र में कवरेज बढ़ाना होगा। इस समझौते पर महीने भर के भीतर हस्ताक्षर हो सकता है।’
एयरटेल ने इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि यह सौदा बीएसएनएल की सावधानी से बुनियादी ढांचे पर खर्च करने की रणनीति और साझीदारी के नियमों के उपयोग का अंग है ताकि उपभोक्ताओं को अच्छा नेटवर्क मुहैया कराने के अलावा परिचालन लागत घटाई जा सके। उन्होंने कहा, ‘हमने सहयोगिता (को-ऑप्शन) को अपनी प्रमुख रणनीति बनाई है। इसके तहत हम ऐसे अवसरों पर विचार कर रहे हैं जहां हम अपना कारोबार बढ़ाने के लिए अन्य कंपनियों के साथ सहयोग कर सकते हैं।’
बीएसएनएल ने देश भर में अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए सातवें चरण में करीब 4,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी का सातवां चरण जून 2015 तक पूरा होने का अनुमान है। एयरटेल मोबाइल के नेटवर्क के दायरे में भारत की 87 प्रतिशत आबादी आती है जिसके 1,42,898 बेस स्टेशन हैं।
बीएसएनएल के मोबाइल नेटवर्क के दायरे में फिलहाल देश की 72 प्रतिशत आबादी आती है जिनकी संख्या सातवां चरण पूरा होने के बाद बढ़ेगी। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी के इस साल जून के बाद 1,10,000 बेस स्टेशन होंगे।