सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए लोग तरह-तरह के वीडियो बनाते हैं, लेकिन जब बात धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीकों की हो, तो विवाद खड़ा होने में देर नहीं लगती. ऐसा ही एक मामला मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नीतू बिष्ट से जुड़ा है. नीतू मां काली का स्वरूप धारण कर सड़क पर घूमती और मोमोज खाते हुए वीडियो बनाती नजर आईं. वीडियो सामने आने के बाद कुछ लोगों ने इस पर नाराजगी जताई और धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया. मामला उत्तराखंड के हल्द्वानी तक पहुंच गया, जहां करणी सेना ने पुलिस को शिकायत सौंपकर नीतू के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
क्या है पूरा मामला, क्यों मचा बवाल?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीतू बिष्ट ने मां काली का रूप धारण कर एक वीडियो बनाया, जिसमें वह हल्द्वानी की सड़कों पर घूमती दिखाई दीं. वीडियो में वह लोगों से बातचीत करती हैं और एक दुकान पर जाकर मोमोज भी मांगती नजर आती हैं. उनके इस अंदाज को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई.
वीडियो पर आपत्ति जताने वाले लोगों का कहना है कि मां काली का स्वरूप करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है. ऐसे में इस रूप में सड़क पर घूमते हुए मनोरंजन के अंदाज में वीडियो बनाना धार्मिक मर्यादा के खिलाफ है. हालांकि, ये शिकायतकर्ताओं के आरोप हैं. मामले में पुलिस की जांच और तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.
हल्द्वानी में करणी सेना ने की FIR की मांग
इस वीडियो को लेकर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी कोतवाली पहुंचकर विरोध जताया. संगठन की महिला जिलाध्यक्ष योगिता बनोला के नेतृत्व में पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी गई. संगठन ने आरोप लगाया कि वीडियो में मां काली के पवित्र स्वरूप को आपत्तिजनक तरीके से पेश किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं.
रिपोर्ट्स के अनुसार, करणी सेना ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत कार्रवाई की मांग की है. संगठन का कहना है कि धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल करते समय उनकी गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए. साथ ही, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है.
अब नीतू बिष्ट पर क्या होगी कार्रवाई?
इस मामले में फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि पुलिस शिकायत पर क्या कदम उठाती है. हल्द्वानी के थाना प्रभारी विजय मेहता के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट्स में करणी सेना की शिकायत और एफआईआर दर्ज करने की मांग की जानकारी सामने आई है. शिकायत मिलने का मतलब यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं. पुलिस वीडियो की सामग्री और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही तय करेगी कि कोई कानूनी कार्रवाई जरूरी है या नहीं.
वहीं, नीतू बिष्ट की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की पुष्टि इन रिपोर्ट्स से नहीं होती. ऐसे में उनके पक्ष और पुलिस की जांच के नतीजों का इंतजार रहेगा.
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