कुमुद मिश्रा शानदार अभिनेता के अलावा एक जाने माने थिएटर एक्टर भी हैं. उनको खासकर हिंदी सिनेमा में काम करने को लेकर जाना जाता है. उन्होंने अपनी फिल्मों और नाटकों में प्रभावशाली किरदार किए हैं. उनको कई फिल्मों के लिए सहायक भूमिका निभाने के लिए भी जाना जाता है. जिसमें सबसे पहले नाम फिल्म रॉकस्टार का आता है,. फिल्म रॉकस्टार में कुमुद मिश्रा को खास पहचान मिली. अगर उनकी कुछ बड़ी फिल्मों की बात करें तो उनमें एयरलिफ्ट, आर्टिकल 15, थप्पड़, सूर्यवंशी जैसे तमाम फिल्मों के नाम शामिल हैं. एक्टर काफी लंबे समय से दर्शकों के बीच में जगह बनाए हुए हैं. उन्होंने साल 1995 में दूरदर्शन के नाटक स्वाभिमान में भी यूनियन नेता एकनाथ की भूमिका निभाई थी. इसके अलावा साल 2011 में ऋषि कपूर की फिल्म जैसे पटियाला हाउस में भी अपनी एक्टिंग का कमाल दिखाया था. कुमुद मिश्रा ने एनडीटीवी से बात करते हुए अपने बचपन की गांव की यादें शेयर की.
नंगे पैर चलना है पसंद
एक्टर कुमुद मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश के रीवा से 80 किलोमीटर एक गांव हैं. वहां मैंने अपना पूरा बचपन बिताया है. मैंने रीवा से ज्यादा अपना बचपन गांव में ही बताया है. मेरे पिताजी फौज में थे, इसलिए जहां-जहां उनकी पोस्टिंग होती थी, वहां मैं भी जाता था. गांव की यादें कई सारी हैं. जैसे हमारे गांव के स्कूल में एक पंडित जी थे, वहां मेरी पढ़ाई कम कुटाई बहुत ज्यादा होती थी. गांव की नदी में हम तैरने के लिए जाते थे. मेरे जो छोटे चाचा थे, उन्होंने मुझे नदी में तैरना सिखाया था. वह मुझे कंधे पर बिठाकर ले जाते थे और सीधे पानी में छोड़ देते थे. मैं नंगे पैर गांव में चलता था. इसके अलावा जब मैं मिलिट्री स्कूल में था, तब भी मैं गांव में जाता था. उस वक्त भी मैंने कभी भी पैर में जुटे चप्पल नहीं पहने थे. मैं अभी भी जब गांव जाता हूं तो कोशिश करता हूं कि नंगे पैर जमीन पर चलूं. क्योंकि मैं उस जमीन को महसूस करना चाहता हूं. कुमुद मिश्रा के अलावा और काफी एक्टर्स हैं, जिन्होंने अपना बचपन छोटे शहरों में बताया है. उनमें आशुतोष राणा, कंगना रनौत जैसे तमाम सेलिब्रिटीज के नाम शामिल हैं. इनके अलावा लता मंगेशकर और आशा भोंसले जैसी दिग्गज सिंगर ने अपना बचपन इंदौर में बताया था. आज भी इंदौर को इन दोनों हस्तियों के नाम से जाना जाता हैं. बॉलीवुड का सबसे बड़ा नाम सलमान खान का जन्म भी मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था. उन्होंने इंदौर में काफी सालों तक अपना समय बताया था.
बोल्ड कंटेंट पर ये कहा
एक्टर ने कहा कि मैं किसी भी तरीके की सेंसरशिप के खिलाफ हूं, जब तक समाज में हिंसा न फैले या देश टूटने की स्थिति तक ना पहुंच जाए. तब तक में किसी भी चीज का विरोध नहीं करता. आप सभी समझदार लोग हैं, ये सब आपकी चॉइस है, अगर कोई एडल्ट प्रोजेक्ट है तो आप बच्चों के साथ नहीं देखेंगे. मैं कहना चाहता हूं कि सिनेमा देखने की हर किसी को आजादी होनी चाहिए. क्योंकि हर किसी की अपनी चॉइस होती है, जैसे लोग वोट देते हैं, जो लोग सरकार चुनने का डिसीजन ले सकते हैं तो अपने घर में अपने तरीके का सिनेमा या तो नाटक क्यों नहीं देख सकते. उनको पूरी आजादी होना चाहिए, क्योंकि वो मेच्योर हैं. इसके अलावा इस देश का कानून है. अगर कुछ भी समाज के लिए नुकसान पहुंचा रहा हैं तो आप कानून के माध्यम से जाइए और उसे पर बहस कीजिए. सेंसर बोर्ड की कुछ गाइडलाइन हैं, वह अपने हिसाब से काम करते हैं. अगर मैं अपनी बात करूं तो मैं किसी भी तरीके के सेंसरशिप के खिलाफ हूं. क्योंकि हम एक मैच्योर समाज में रहते हैं. हमको वह अधिकार होना चाहिए कि देखने का, खाने का, कपड़े पहनने का अधिकार अपना खुद का हो और उसका चुनाव कर सकें.
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