बॉलीवुड में कुछ कलाकार ऐसे हैं, जिन्हें किसी एक तरह के किरदार में बांधना मुश्किल होता है. केके मेनन भी ऐसे ही अभिनेताओं में गिने जाते हैं. पर्दे पर उनका अंदाज बाकी कलाकारों से काफी अलग नजर आता है. चाहे गंभीर किरदार हो, नेगेटिव रोल हो या फिर कोई ऐसा चरित्र, जो उनके व्यक्तित्व से एकदम अलग हो, मेनन अपनी एक्टिंग से उसे यादगार बना देते हैं. फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने थिएटर, टीवी और ओटीटी पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है.
सूरजमुखी किया रोल
क्या आप जानते हैं कि अभिनय की दुनिया से उनका रिश्ता बेहद छोटी उम्र में ही जुड़ गया था? महज नौ साल की उम्र में उन्होंने अपने स्कूल के एक नाटक में सूरजमुखी का किरदार निभाया था.
-
PM मोदी ने याद दिलाई 12 लाख तक की आय पर टैक्स छूट, बोले- 'जो मिला वो हजम...ऐसे नहीं चलता!' -
NDTV World Summit 2026: Zerodha बंद हो जाए तो क्या करेंगे? निखिल कामत ने बताया ₹10 लाख वाला बिजनेस प्लान -
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
NDTV World Summit में पीएम मोदी ने गिनाईं एशियाड की उपलब्धियां, 'सेपकटकरॉ' का भी किया जिक्र -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश
कहा जाता है कि यही उनका पहला ऑन-स्टेज अभिनय था. उस समय शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि स्कूल के मंच पर किया गया यह छोटा-सा किरदार आगे चलकर उनकी जिंदगी की दिशा बदल देगा. हालांकि इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और विज्ञापन की दुनिया में भी काम किया लेकिन अभिनय का जुनून उनके अंदर बना रहा.
केके मेनन का जन्म 2 अक्टूबर 1966 को केरल में हुआ था जबकि उनकी परवरिश महाराष्ट्र के पुणे में हुई. उनकी स्कूली पढ़ाई भी पुणे में हुई. इसके बाद उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से भौतिकी की पढ़ाई की और आगे एमबीए भी किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने विज्ञापन उद्योग में काम करना शुरू किया.

विज्ञापन का दुनिया छोड़ की एक्टिंग
नौकरी के बीच भी उनका मन अभिनय की तरफ खिंचता रहा. आखिरकार उन्होंने विज्ञापन की दुनिया से अलग होकर थिएटर का रास्ता चुना. यहीं से उनके अभिनय करियर की असली शुरुआत हुई. थिएटर ने उन्हें सिर्फ मंच नहीं दिया बल्कि अलग-अलग तरह के किरदारों को समझने और उन्हें जीने का मौका भी दिया.
केके मेनन के थिएटर सफर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के साथ भी जुड़ा रहा. उन्होंने थिएटर में लंबे समय तक काम किया और मंच पर अभिनय की बारीकियां सीखीं. थिएटर की यही मजबूत नींव आगे चलकर फिल्मों में उनके अभिनय की पहचान बनी.
'नसीम' से बदला नसीब
केके मेनन ने साल 1995 में आई फिल्म 'नसीम' से फिल्मों में कदम रखा. हालांकि इसमें उनकी भूमिका छोटी थी, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें अलग तरह के किरदार मिलने लगे. साल 1999 की 'भोपाल एक्सप्रेस' में उनके अभिनय को पहचान मिली. इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई ऐसी फिल्मों में काम किया, जिनमें उनके अभिनय की खूब चर्चा हुई.
'हजारों ख्वाहिशें ऐसी', 'ब्लैक फ्राइडे', 'सरकार', 'कॉरपोरेट', 'लाइफ इन अ मेट्रो', 'गुलाल', 'हैदर' और 'द गाजी अटैक' जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए.
समय के साथ सिनेमा का दायरा बदला तो केके मेनन ने भी खुद को नए माध्यम के मुताबिक ढाला. ओटीटी पर उनकी लोकप्रियता 'स्पेशल ऑप्स' से और बढ़ी. इसमें उन्होंने रॉ अधिकारी हिम्मत सिंह का किरदार निभाया. इस भूमिका को दर्शकों ने काफी पसंद किया और मेनन की गिनती ओटीटी के चर्चित अभिनेताओं में होने लगी. इसके बाद 'स्पेशल ऑप्स 1.5: द हिम्मत स्टोरी' में भी वह नजर आए. साल 2023 की वेब सीरीज 'फर्जी' में उन्होंने मंसूर दलाल का किरदार निभाया.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं