अभिनेता राजपाल यादव पिछले कई सालों से पैसे के लेन देन को लेकर कानूनी मामलों में उलझे हुए हुए हैं. एक तरफ उनपर करीब 9 करोड़ के मामले का केस कोर्ट में चल रहा है तो दूसरी तरफ कुछ और लोगों ने सोशल मीडिया पर राजपाल के दिए गए चेक को पोस्ट करते हुए उनपर कर्ज की बात कही और उनपर कुछ और केस कर दिए गए, इन सभी मामलों पर राजपाल यादव ने की एनडीटीवी से खास बातचीत..
सवाल: आपका पैसे वाला केस अभी चर्चा में है. बहुत सारे लोग मार्केट में आ गए हैं. सोशल मीडिया पर कई लोगों के चेक घूम रहे हैं कि आपने उनसे पैसा लिया है और वह पैसा नहीं दिया गया है. कुछ नए केस भी आपके ऊपर हुए हैं. इस पर आप क्या कहेंगे?
राजपाल यादव: मैं पिछले 40 साल से पढ़ाई से लेकर वर्किंग, खेती से लेकर 70 एमएम तक लगातार काम ही कर रहा हूं. पिछले हाफ सेंचुरी में लगभग 4-5 हजार नाटक किए होंगे, 4-5 हजार कैरेक्टर किए होंगे, 4-5 हजार देखे होंगे, 4-5 हजार सुने होंगे, 4-5 हजार पढ़े होंगे और 4-5 हजार लोगों से लेना-देना भी किया होगा.
150 लोगों को दिए भी होंगे, पैसे 150 लोगों से लिए भी होंगे. जिंदगी में अगर आप कुछ बड़ा करते हो तो 10-20 करोड़ का घाटा खाते हो, तो 10, 20, 30 करोड़ आप पर चढ़ते भी हैं और फिर आप उनको कमाकर निपटाते भी हो.
मुझे लगता है, बड़ा अच्छा प्रश्न पूछा. चेक अगर मार्केट में है, उसको चेक दिया, तो या वो एग्रीमेंट किया. वो एग्रीमेंट किया तो यह ईमानदारी की निशानी है कि आदमी कितना पाक-साफ है कि कभी गारंटी ग्रुप में, कभी सिक्योरिटी ग्रुप में.
क्योंकि पैसा जो है, वो किसी एक किचन का है ही नहीं. देश के 140 करोड़ किचन पैसे पर, उस पैसे पर टिके हुए हैं, जो पैसा किसी घर में छपता नहीं है। इसे सर्कुलेशन पहले ही बोल चुका हूं.
सवाल: अगर मैं आपसे पूछूं कि पिछले 25 साल में कुल कितना पैसा बकाया रह गया?
राजपाल यादव: लगभग-लगभग पिछले 25 साल में अगर 100-200 लोगों से लेना-देना किया होगा, तो 100-200 लोगों को दिया भी होगा. 100 लोगों से लिया भी होगा और 150 लोगों को निपटाया भी होगा और 10-30 लोगों का रह भी गया होगा.
सवाल: और टोटल कितना रह गया होगा?
राजपाल यादव: अभी लगभग 25-30 करोड़ रुपये.
सवाल: मतलब सबका टोटल?
राजपाल यादव: सबका टोटल. अगर कोई बोले कि हमारा एक पैसा नहीं है, तो आपकी दुआ से… इसमें वो भी पैसा शामिल है, जिसका कोर्ट में केस चल रहा है. इसमें सब कुछ शामिल. सब कुछ. सब कुछ शामिल. 25-30 करोड़ रुपये बचे हैं. लगभग 50 करोड़ के आसपास पहुंच गई थी पिछले 15-20 साल में कहानी. क्योंकि निपटाना, फिर घर चलाना, फिर परिवार चलाना. लगभग 2012 से जब हमारी फिल्म के लिए पहली बार स्टॉप करवाया गया था, हाई कोर्ट से स्टे लिया था. फिर स्टे मतलब रिलीज करने का वो मिला, तो वहां से लेकर लगभग-लगभग पांच-सात केस हुए हम पर, हमारी वाइफ पर. फिर धीरे-धीरे लगभग पिछले 15 साल में लगभग 30-35 मुकदमों का सामना करना पड़ा, अलग-अलग जगह. तो बोलते हैं, बुखार आता है तो बहुत सारी बीमारियां और भी साथ में लेकर आता है. फिर लेकिन लगभग कम भी होता गया, कम भी होता गया.
एक ही थ्योरी रही कि चाहे साइन किए हों, चाहे साइन नहीं किए हों, चाहे जबान से जिसका लिया है उसका सम्मान के साथ सर्कुलेशन घर पर पहुंचेगा और जिसको दिया है उससे कभी फोन नहीं जाएगा. ना हमारा, ना हमारे खानदान का कि आप वो पैसे लिए थे, आप पैसे दीजिए, हमें जरूरत है. मुझे पता है कि वो जो आदमी पैसे लेता है, वो किसी न किसी काम के लिए लेता है और अगर वो फंसता है तो 100 प्रतिशत फंसते हैं. वो लोग हैं जो कुछ करना चाहते हैं. चाहे कोई दुनिया की कंपनी हो.
प्रशांत भैया, भी 30 साल से हम आपको देख ही रहे हैं. चाहे कोई पर्सनल व्यापार हो, कार व्यापार हो, रिक्शा चलाने से लेकर प्लेन चलाने तक, दुनिया में इतने-इतने रियल एस्टेट से लेकर कितनी संस्थाएं हैं, बैंकों से लेकर, जिसमें मतलब सबने व्यापार किया है. मुझे यह लग रहा है कि लेनदेन अगर अच्छा चलने लगे, उलझे ना, तो यह तो पूरे देश के लिए, हजारों लोगों के घर चलते हैं, तो अच्छी बात है. इसमें घबराने वाली क्या बात है?
और इसमें आपके किचन से लेकर और कौन ऐसा पत्रकार, कलाकार या व्यापारी या नेता है, जो बगैर चेक या बगैर निपटाए लेनदेन आज की डेट में, जीएसटी का जमाना है. तो आई थिंक यह तो ईमानदारी का प्रमाण है कि आदमी एग्रीमेंट भी करता है, आदमी को भी. लेकिन पैसे में घाटा हो गया तो पैसे पूजने में टाइम लगता है. थोड़ा आगे-पीछे हो गया.
सवाल: लेकिन मैं आपसे पूछूं कि जब आपको पैसे देने के लिए कोर्ट में केस हुआ था, उस वक्त जब बहुत सारे कलाकारों ने आपकी मदद की तो सोशल मीडिया पर यह खबर चल रही थी कि राजपाल यादव के पास शायद 70 करोड़ रुपये आ गए हैं. इस बारे में आपका क्या कहना है? और फिर भी पैसे नहीं दे रहे लोगों के?
राजपाल यादव: नहीं, बस जिसने भी मदद की, बहुत सबका धन्यवाद है.
सवाल: पर 70-80 करोड़ आए क्या?
राजपाल यादव: मैं कह रहा हूं कि लोगों की मदद वापस होगी.
सवाल -लेकिन एक चीज है, यह कन्फ्यूजन क्लियर होना चाहिए.
राजपाल यादव - कन्फ्यूजन ऐसा है कि देखिए, मदद तो सबने की है. बच्चे, बूढ़े, नौजवान. तभी तो मैं यहां बैठा हूं हौसला लेकर. लेकिन मुझे एक चीज यह अच्छी लगी कि राजपाल यादव ने पहले दिन से बोला, पिछले 13 साल से बोला कि मैं उलझा हुआ हूं, मैं डूबा हुआ नहीं हूं. तो जब यह नीलामी, नोटिस और यह सब…
सवाल - जी अभी बैंक द्वारा आपकी शाहजहांपुर की प्रॉपर्टी की नीलामी की भी खबर है.
राजपाल यादव: जी , तो कम से कम यह लोगों को बिलीव हुआ कि राजपाल यादव के पास प्रॉपर्टी है. राजपाल डूबा हुआ नहीं है. राजपाल उलझा हुआ है. और जो मदद मिली, उसका प्रॉपर सदुपयोग किया गया और वह मदद जो है, वह वापस भी चली जाएगी.
सवाल -लेकिन फिगर गलत घूम रही है.
राजपाल यादव: फिगर नहीं, 90 प्रतिशत किसी को कुछ पता ही नहीं है. सब घूम रहा है.
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