राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में इस वक्त दिल्ली की तिहाड़ जेट में बंद हैं. उनकी जमानत याचिका पर 16 फरवरी यानी आज सुनवाई होनी है. इससे पहले 12 फरवरी को इस मामले में सुनवाई हुई लेकिन कोर्ट ने उन्हें राहत नहीं दी. कोर्ट ने राजपाल यादव को अपनी कमिटमेंट ना निभाने पर कड़ी फटकार लगाई. अदालत ने कहा कि राजपाल यादव जेल में इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने अपने वादे का सम्मान नहीं किया. जज ने सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकीलों से कहा कि कम से कम दो दर्जन बार यादव ने अदालत में कहा था कि वे पैसे चुकता करेंगे, लेकिन हर बार वे असफल रहे.
अदालत ने इस मामले में शिकायतकर्ता से राजपाल यादव की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा. यह विवाद एक पुराने मामले से जुड़ा है, जहां यादव पर पैसे न चुकाने का आरोप है. अदालत ने यादव की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार-बार दिए गए आश्वासन खोखले साबित हुए हैं. अब इस मामले में आज सुनवाई होने वाली है.

क्या राजपाल यादव ने की कोर्ट की अवहेलना?
इस बारे में एनडीटीवी ने सुप्रीम कोर्ट के वकील रितुपर्ण उनियाल से खास बातचीत की. इस पर उन्होंने बताया, मामला कोर्ट की अवहेलना का नही बनता क्योंकि राजपाल हाई कोर्ट में अपने वकीलों के माध्यम से पेश होते रहे हैं. चेक बाउंस के केस semi क्रिमिनल/सिविल नेचर के होते हैं. इस तरह के मामलों में कोर्ट का फोकस रिकवरी पर होता है.
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उन्होंने बताया, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना है कि “चेक डिसऑनर केस को कार्रवाई के किसी भी स्टेज पर कंपाउंड किया जा सकता है, खासकर तब जब पार्टियां खुद अपनी मर्जी से समझौता कर लें.” यह बात अगस्त 2025 में जस्टिस अरविंद कुमार और संदीप मेहता की बेंच की तरफ से आई.
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