एक्टर राज बब्बर ने शनिवार को अपनी दिवंगत पत्नी और अभिनेत्री स्मिता पाटिल को उनकी 71वीं जयंती पर याद किया. उन्होंने स्मिता की असाधारण प्रतिभा, उनके स्नेहपूर्ण स्वभाव और उनकी अमिट विरासत को नमन किया. स्मिता को बेहद संवेदनशील कलाकार बताते हुए, राज ने इंस्टाग्राम पर उनकी एक तस्वीर साझा की और कहा कि स्मिता ने अपने निभाए हर किरदार में जान फूंक दी थी. उन्होंने कैप्शन में लिखा, “स्मिता में एक अद्भुत संवेदनशीलता थी. भले ही उनका सफर बहुत छोटा रहा, लेकिन उनकी कला ने एक गहरी छाप छोड़ी. उन्होंने सिर्फ किरदार नहीं निभाए, बल्कि उनकी आत्मा में जान डाल दी. मुझे उनकी बहुत याद आती है. उनका स्नेह, उनकी असाधारण प्रतिभा और वह सब कुछ, जो उन्हें इतना खास बनाता था.”
राज ने कहा, “स्मिता पाटिल को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं. उनकी विरासत आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है, प्रभावित करती है और लोगों के दिलों में बसी हुई है. कलाकार इस दुनिया से तब चले जाते हैं, जब उन्हें बुलाया जाता है - लेकिन स्मिता ने जिन लोगों को छुआ, उनके दिलों में वे आज भी किसी न किसी रूप में मौजूद हैं.” राज और स्मिता पाटिल की पहली मुलाकात 1982 की फिल्म 'भीगी पलकें' के सेट पर हुई थी. उनके बेटे, अभिनेता प्रतीक का जन्म 28 नवंबर 1986 को हुआ था. 13 दिसंबर 1986 को, 31 साल की उम्र में प्रसव संबंधी जटिलताओं के कारण स्मिता पाटिल का निधन हो गया. उनके निधन के बाद, प्रतीक की परवरिश मुंबई में उनके (स्मिता के) माता-पिता ने की.
उनके आखिरी कामों में 'गलियों का बादशाह' शामिल थी. शेर जंग सिंह द्वारा निर्देशित इस फिल्म में राज कुमार, हेमा मालिनी, मिथुन चक्रवर्ती, पूनम ढिल्लों, स्मिता पाटिल, अरुणा ईरानी, रंजीत, डैनी डेन्जोंगपा, ओम शिवपुरी और इफ्तिखार जैसे कलाकार शामिल थे. यह फिल्म अपनी देरी से हुई रिलीज से कई साल पहले ही शूट होकर पूरी हो गई थी. यह स्मिता पाटिल की आखिरी फिल्म भी थी. राज की बात करें तो, उन्हें आखिरी बार 2024 की फिल्म 'एक कोरी प्रेम कथा' में एक अभिनेता के रूप में देखा गया था. इस फिल्म का निर्देशन चिन्मय पुरोहित ने किया है और इसे सबा मुमताज ने लिखा है. इसमें अक्षय ओबेरॉय, खनक बुधिरजा, राज बब्बर, पूनम ढिल्लों और दर्शन जरीवाला मुख्य भूमिकाओं में हैं.
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