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Param Sundari Review In Hindi: नक्कालों से सावधान...शाहरुख की फिल्मों का कॉकटेल निकली 'परम सुंदरी'

Param Sundari Review In Hindi: जाह्नवी कपूर और सिद्धार्थ मल्होत्रा की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म परम सुंदरी का पढ़ें मूवी रिव्यू हिंदी में...

Param Sundari Review In Hindi: नक्कालों से सावधान...शाहरुख की फिल्मों का कॉकटेल निकली 'परम सुंदरी'
Param Sundari Review: सिद्धार्थ मल्होत्रा और जाह्नवी कपूर की परम सुंदरी का रिव्यू
नई दिल्ली:

Param Sundari Review In Hindi: जाह्नवी कपूर और सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'परम सुंदरी' 29 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म का निर्देशन तुषार जलोटा ने किया है. जबकि सिद्धार्थ और जाह्नवी के अलावा फिल्म में संजय कपूर और मंजोत सिंह लीड रोल में हैं. परम सुंदरी में साउथ और नॉर्थ के कॉम्बिनेशन वाली प्रेम कहानी दिखाई गई है. फिर सिद्धार्थ मल्होत्रा और जाह्नवी कपूर को एक हिट फिल्म की दरकार भी है. ऐसे में क्या परम सुंदरी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच ला पाएगी? सिद्धार्थ मल्होत्रा और जाह्नवी कपूर की फिल्म में क्या है खास और कहां रह गई कमियां? पढ़ें मूवी रिव्यू...

'परम सुंदरी' की कहानी
परम सुंदरी की कहानी परम यानी सिद्धार्थ मल्होत्रा और सुंदरी यानी जाह्नवी कपूर की है. जैसा अक्सर बॉलीवुड में होता है. सिड अमीर फैमिली से है. उसका कोई स्टार्टअप सक्सेस नहीं होता है. वो एक डेटिंग एप लॉन्च करना चाहता है. उसके पिता उसे चुनौती देते हैं कि अगर तुम साबित कर दो कि यह आइडिया अच्छा है, तो मैं इसमें इन्वेस्ट करूंगा. पिता संजय कपूर ने उसे एक महीने की चुनौती दी है और इस ऐप के जरिए जीवनसाथी ढूंढने को कहा है. अगर वह सफल रहा, तो उसे निवेश मिल जाएगा. इसी चक्कर में वो पहुंच जाता है केरल और सुंदरी से इश्क का ड्रामा करता है. लेकिन फिर कुछ ऐसा होता है कि इश्क सच्चा हो जाता है और हालात बदल जाते हैं. यही फिल्म की कहानी है. जिसे देखते हुए शाहरुख खान की दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे और चेन्नई एक्सप्रेस की याद आ जाती है. इसके अलावा बॉलीवुड की और भी कई फिल्में जेहन में कौंध जाती हैं. कुछ भी कहानी में नया नहीं है. पहला हाफ ठीक-ठाक है और दूसरा हाफ खींचा हुआ है.

'परम सुंदरी' में डायरेक्शन
तुषार जलोटा ने ये फिल्म क्यों बनाई ये बात समझ से बाहर है. नॉर्थ और साउथ का शानदार कॉकटेल कमाल कर सकता था. लेकिन वह कमजोर कहानी की वजह से चूक जाते हैं. केरल जैसे राज्य की खूबसूरती तो वह कैमरे में कैद कर लेते हैं लेकिन सिद्दार्थ की सोलमेट के चक्कर में फिल्म की सोल (आत्मा) को जरूर मार देते हैं. फिर तुषार ने कुछ अलग दिखाने के चक्कर में जिस तरह से साउथ को पेश किया है वो पेनफुल है. फिल्म में तंज कसा गया है जिसका रंग डार्क है वो साउथ से है. फिर केरल के गांव में जिम वियर अलाउड नहीं है. चर्च में मोहिनीट्टम और जिस तरह की बातें रोमांटिक सीन है वो भी अभी तक देखा नहीं गया शायद. कन्फेशन के नाम कुछ भी दिखा गए. फिर नर्स का जिस तरह का कैरेक्टर फिल्म में दिखाया गया है, वह कॉमेडी के नाम पर फूहड़ता की कैटगरी में आ जाता है. 

'परम सुंदरी' में एक्टिंग
वैसे बॉलीवुड में इन दिनों एक्टिंग का ऐसा अकाल पड़ा हुआ है कि अच्छे से अच्छा कलाकार भी चूक जा रहा है. फिर बात अगर सिद्धार्थ मल्होत्रा और जाह्नवी कपूर की फिल्म परम सुंदरी की हो तो इसमे बाजी सिद्धार्थ मार ले जाते हैं. उनकी क्यूटनेस और फिजीक और लुक तीनों कमाल के हैं. एक्टिंग भी ठीक-ठाक की है. लेकिन इस फिल्म की सुंदरी को जितना स्ट्रॉन्ग होना चाहिए था, वैसा नहीं है. यही बात फिल्म पर भारी पड़ जाती है. हीरो के दोस्त के रोल में मनजोत मजेदार हैं. बाकी सब ओके हैं.

‘परम सुंदरी' वर्डिक्ट
‘परम सुंदरी' को देख बॉलीवुड की कई फिल्मों की याद आती है. ऐसा लगता है कि फिल्म शाहरुख खान की फिल्मों का कॉकटेल है. केरल के हसीन नजारे हैं, सिद्धार्थ मल्होत्रा खूब स्मार्ट लगते हैं, मनजोत भी जमते हैं, लेकिन अगर कुछ नए की तलाश है तो निराश हाथ लग सकती है. अगर साउथ और नॉर्थ के कॉम्बिनेशन से कुछ दिल छू लेने वाले कॉन्टेंट की उम्मीद करते हैं तो आपको जोर का झटका लग सकता है.

रेटिंग: 1.5/5 स्टार
डायरेक्टर: तुषार जलोटा
कलाकार: सिद्धार्थ मल्होत्रा, जाह्नवी कपूर

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