विज्ञापन

नुसरत फतेह अली खान की 41 साल पहले आई कल्ट कव्वाली, आज Gen Z के बीच खूब हो रहा ट्रेंड, बरसात में प्रेमियों की पहली पसंद बना सूफी गीत

41 साल पहले रिकॉर्ड किया गया उस्ताद नुसरत फतेह अली खान का एक मशहूर सूफी गीत इन दिनों नए रीमिक्स अंदाज में सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. इंस्टाग्राम रील्स पर Gen Z इस ट्रैक पर जमकर वीडियो बना रही है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है.

नुसरत फतेह अली खान की 41 साल पहले आई कल्ट कव्वाली, आज Gen Z के बीच खूब हो रहा ट्रेंड, बरसात में प्रेमियों की पहली पसंद बना सूफी गीत
41 साल पुरानी नुसरत फतेह अली खान की ये कव्वाली फिर हुई वायरल
नई दिल्ली:

सोशल मीडिया पर हर दिन कुछ न कुछ नया ट्रेंड करता रहता है. कभी कोई पुरानी फिल्म का डायलॉग लोगों की जुबान पर चढ़ जाता है तो कभी सालों पुराना गाना अचानक हर मोबाइल स्क्रीन पर सुनाई देने लगता है. इन दिनों भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. सूफी संगीत के बादशाह उस्ताद नुसरत फतेह अली खान की 41 साल पुरानी एक मशहूर कव्वाली फिर लोगों के बीच छा गई है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार ये अपने पुराने नहीं, बल्कि रीमिक्स अंदाज में लोगों का दिल जीत रही है. इंस्टाग्राम रील्स पर हजारों लोग इस गाने पर वीडियो बना रहे हैं और Gen Z भी इसे खूब पसंद कर रही है.

नुसरत फतेह अली खान का गाना हो रहा ट्रेंड 

जिस गाने की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उसका नाम 'यादां विचड़े साजन दियां आइयां' है. ये उस्ताद नुसरत फतेह अली खान की बेहद मशहूर कव्वालियों में से एक है. हाल ही में इसका रीमिक्स वर्जन सामने आया और देखते ही देखते ये सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. रील्स से लेकर शॉर्ट वीडियो तक, हर जगह इसी गाने की धुन सुनाई दे रही है.

ये भी पढ़ें- प्रदीप रावत के आखिरी पलों को याद कर इमोशनल हुए बेटे विक्रमादित्य, कहा- डॉक्टर उन्हें CPR दे रहे थे

1985 में आया था ये गाना

ये कव्वाली साल 1985 में रिकॉर्ड की गई थी. उस समय नुसरत फतेह अली खान ने यूके में हुए एक लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट में इसे गाया था. उस महफिल में उनके साथ उनके भाई फर्रुख फतेह अली खान भी मौजूद थे. बाद में इस पूरे कॉन्सर्ट की रिकॉर्डिंग को उनकी आधिकारिक लाइव वीडियो सीरीज में भी शामिल किया गया. आज भी इस लाइव परफॉर्मेंस को लोग बड़े चाव से सुनते हैं.

बरसात में पहली पसंद बना ये गाना

यादां विचड़े साजन दियां आइयां” (Yadaan Vichde Sajan Diyan Aaiyan) एक पॉपुलर पंजाबी सूफी कव्वाली है, जो विरह (अलगाव) और इश्क की पीड़ा को बयां करती है. इसका मतलब है, बिछड़े हुए सजन की यादें आ गईं, आंखों से आंसुओं की बारिश हो रही है. सैकड़ों ईद से बेहतर है प्रिय का एक दीदार.

नई पीढ़ी को भी खूब पसंद आ रही

अब इस कव्वाली का रीमिक्स वर्जन लोगों के बीच नई पहचान बना रहा है. पुराने गाने की खूबसूरती और नए म्यूजिक का मेल लोगों को खूब पसंद आ रहा है. यही वजह है कि जिन लोगों ने पहले कभी ये कव्वाली नहीं सुनी थी, वो भी अब इसे बार-बार सुन रहे हैं. सोशल मीडिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अच्छा संगीत कभी पुराना नहीं होता. बस उसे नए अंदाज में पेश करने की जरूरत होती है.

ये भी पढ़ें- 53 साल पुरानी फिल्म, जिसमें आरडी बर्मन ने कंपोज किए एक से बढ़कर एक हिट गाने,विजय अरोड़ा- नीतू सिंह की जोड़ी चीन से लेकर रूस में हिट

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Nusrat Fateh Ali Khan, Yadan Vichre Sajan Dian Aiyan, Bollywood, Bollywood Songs
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com