अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपनी फिल्मों के साथ-साथ कई बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में हैं. एनडीटीवी से खास बातचीत में उन्होंने अपने दो बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स का खुलासा किया. राजपाल यादव ने बताया कि वह करीब 1200 करोड़ रुपये के बजट वाली एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म सीरीज का हिस्सा हैं, जो 12 अध्यायों में पूरी होगी. इसके अलावा वह अगले साल एक बड़े स्तर का सोलो नाटक ‘कलास्त्र' लेकर आ रहे हैं, जिसकी शुरुआत दिल्ली से होगी और बाद में इसे दुनिया भर में ले जाया जाएगा.
12 अध्यायों में बनेगी हॉलीवुड फिल्म सीरीज
राजपाल यादव ने बताया कि ‘द किंग ऑफ वंडरफुल वर्ल्ड' नाम की इस सीरीज पर पिछले दो-तीन साल से काम चल रहा है. उनके मुताबिक यह करीब 12 फिल्मों या अध्यायों में पूरी होने वाली एक बड़ी कहानी है.
उन्होंने कहा, “जैसे महाभारत में अठारह अध्याय हैं और रामायण में सात अध्याय हैं, वैसे ही ये बारह अध्याय की एक ‘द किंग ऑफ वंडरफुल वर्ल्ड' की जीवन गाथा है.”
राजपाल ने इसकी तुलना ‘हैरी पॉटर' जैसी सीरीज से करते हुए बताया कि यह एक अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट है. उन्होंने इसे “हॉलीवुड फिल्म सीरीज” बताया. खास बात यह है कि कहानी का आधार भारतीय संस्कृति और भारतीय मिट्टी से जुड़ा होगा.
अभिनेता ने कहा कि यह प्रोजेक्ट चार्ली चैपलिन को समर्पित है, लेकिन इसमें किसी मौजूदा फिल्म या कॉन्सेप्ट की नकल नहीं होगी. उनके मुताबिक, “बिल्कुल न्यू भारतीय संस्कृति और यहां की जो हमारी कल्चर की हजारों साल से है, उसी में से निकली झलक आपको दिखाई देगी.”
राजपाल यादव का कहना है कि वह भारतीय कलाकार और भारतीय सिनेमा से जुड़े रहते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करना चाहते हैं. उन्होंने लंदन, पेरिस, दुबई, मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों का जिक्र करते हुए कहा कि कोशिश है कि भारतीय सिनेमा को दुनिया के सिनेमा से जोड़ा जाए.
36 किरदार निभाएंगे, तीन घंटे का होगा ‘कलास्त्र'
राजपाल यादव ने अपनी दूसरी बड़ी तैयारी के बारे में भी विस्तार से बताया. वह अगले साल एक सोलो नाटक ‘कलास्त्र' लेकर आ रहे हैं. इसकी शुरुआत दिल्ली के भारत मंडपम से होगी. 28, 29 और 30 मई 2027 को इसके तीन शो प्रस्तावित हैं और इसे वह वर्ल्डवाइड ओपनिंग के तौर पर पेश करेंगे.
करीब तीन घंटे के इस शो में राजपाल यादव अकेले 36 किरदार निभाएंगे. उन्होंने बताया कि शो में 20 मिनट का इंटरवल भी होगा. ‘कलास्त्र' के नाम का अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा, “कला अस्त्र यानी कि कला वाला अस्त्र.” उनका मानना है कि जब दुनिया में अस्त्र-शस्त्र निरस्त्र हो रहे हैं, तब संस्कृति और दुनिया को जोड़ने के लिए कला सबसे बड़ा माध्यम बन सकती है.
राजपाल यादव ने बताया कि कई साल से लोग उनसे ‘राजपाल नाइट' करने की मांग कर रहे थे, लेकिन अकेले कॉमेडी शो करना उनके लिए आसान नहीं था. ‘कलास्त्र' ने उन्हें ऐसा मंच दिया, जिसमें वह अभिनय के अलग-अलग रंगों को एक साथ पेश कर सकेंगे.
उन्होंने यह भी साफ किया कि यह सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा. ‘राजपाल यादव मेगा शो' के रूप में इसे भारत से बाहर भी ले जाने की तैयारी है. यानी एक तरफ 12 अध्यायों वाली अंतरराष्ट्रीय फिल्म सीरीज और दूसरी तरफ 36 किरदारों वाला सोलो शो राजपाल यादव आने वाले समय में बड़े पैमाने पर वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने की तैयारी में हैं.
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