बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. वहीं 8 अक्टूबर की देर रात बेटे मल्हार ने उन्हें मुखाग्नि दी, जिनका अंतिम संस्कार उनके पुणे के फार्महाउस में हुआ, जो जगह उनके दिल में बसती थी. इसी बीच सोशल मीडिया पर नाना पाटेकर के फार्महाउस नानाची वाड़ी के अंदर का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें नाना द्वारा की गई खेती की झलक देखने को मिलती है. इसके अलावा मेहमानों के लिए बनाए गए कमरों की भी झलक दिखाई गई है, जिसे देख फैंस नाना को श्रद्धांजलि देते हुए नजर आ रहे हैं.
नाना पाटेकर की प्रॉपर्टी
नाना पाटेकर मुख्य रूप से मुंबई के अंधेरी में समर्थ नगर लोखंडवाला इलाके में एक साधारण वन बीएचके फ्लैट में रहते थे. इतने बड़े स्टार होने के बाद भी उन्होंने कभी आलीशान जिंदगी को नहीं अपनाया. इसके अलावा गोवा के डोना पाउला में भी उनका एक घर था, जहां गुरुवार को कार्डियक अरेस्ट के कारण एक्टर का निधन हो गया. वहीं उनका पुश्तैनी गांव महाराष्ट्र के रत्नागिरी में है. जबकि पुणे के पास खडकवासला में उनका 27 एकड़ में फैला बड़ा फार्महाउस है, जहां वे खेती-बाड़ी भी करते थे.
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मेहमानों के लिए बनाए थे गेस्ट हाउस
एक इंस्टाग्राम यूजर द्वारा नाना पाटेकर के नानाची वाड़ी का इनसाइड वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें मेहमानों के लिए बनाए गए गेस्ट हाउस की झलक दिखाई गई है. कमरो के बाहर विंटेज दरवाजे देखने को मिलते हैं. जबकि पत्थरों से इंटीरियर किया गया है.
फल और सब्जियों की करते थे खेती बाड़ी
वीडियो में नानाची वाड़ी में की गई खेती की भी झलक दिखाई गई है, जिसमें नाना पाटेकर ने धान, केला, नारियल और फल-सब्जियों की खेती की हुई है. इतना ही नहीं उनके फार्महाउस में गौशाला भी है, जिसकी देखभाल वह खुद करते थे. नाना का पूरा फार्महाउस हरियाली से भरा हुआ है.
नाना पाटेकर ने अपने फार्महाउस और खेती का जिक्र करते हुए 'कौन बनेगा करोड़पति 17' में अपने गांव लौटने और मायानगरी मुंबई से दूर रहने की वजह का खुलासा किया था. शो के होस्ट अमिताभ बच्चन ने नाना पाटेकर से सवाल पूछा था, "आपने जीवन में इतना कुछ हासिल किया, फिर सब कुछ छोड़कर गांव क्यों चले गए?" इस पर नाना पाटेकर ने बड़ी सादगी से जवाब दिया था, "मैं फिल्म इंडस्ट्री से नहीं हूं. मैं बस यहां काम करने आता हूं और फिर वापस चला जाता हूं. मैं कभी किसी पार्टी में नहीं गया, न ही शहर में ज्यादा रुका. मैं गांव का हूं और वहीं रहना पसंद करता हूं. मुझे वहां की जिंदगी अच्छी लगती है. मुझे अपनी मां से जितना चाहिए था, उससे कई गुना ज्यादा मिला है. जरूरतें सीमित रखना बहुत आसान है. मेरे पास एसी नहीं है क्योंकि मुझे उसकी जरूरत नहीं लगती. जैसे शहर में चारों तरफ दीवारें होती हैं, वैसे ही मेरे घर के चारों ओर पहाड़ हैं. पहाड़ों से घिरा हुआ मेरा घर है और मैं वहीं आराम से रहता हूं. मुझे यह बहुत अच्छा लगता है."
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