नेपाल इन दिनों भयानक बाढ़ का सामना कर रहा है. अब तक कई लोगों के मराने और लापता होने की खबर है. इन मुश्किल समय में मनीषा कोइराला ने अपनी चिंता व्यक्त की है. काठमांडू में एनडीटीवी वर्ल्ड अन्वीक्षा समिट के दौरान अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर अपनी भावनाएं शेयर कीं. एनडीटीवी के आदित्य राज कौल से बातचीत में उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए गहरा दुख जताया और सभी से मदद के लिए आगे आने की अपील की.
क्या बोलीं मनीषा कोइराला
मनीषा ने कहा, 'मेरे पहले विचार उन लोगों की ओर हैं जो पीड़ित हैं, जो तकलीफ में हैं. उनके लिए प्रार्थना जरूरी है. सीमाओं से परे, इंसानियत के स्तर पर इतनी बड़ी मानवीय पीड़ा देखना सच में दिल दुखता है.' उन्होंने बताया कि यह आपदा अचानक आई और उन्हें झकझोर गई. उन्होंने वर्षों पहले आए भूकंप से इसकी तुलना करते हुए कहा कि प्रकृति का ऐसा रौद्र रूप पहले शायद ही किसी ने देखा हो. दृश्य, खबरें और कहानियां बहुत दर्दनाक हैं. सभी को प्रार्थना करनी चाहिए और मदद के लिए कदम बढ़ाना चाहिए.
बाढ़ के बारे में
मनीषा का जन्म नेपाल में हुआ था. उनके दादा विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं. इसलिए यह त्रासदी उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी बहुत करीब है. नेपाल में बुधवार को आई इस अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. भोटे कोशी नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा. यह बाढ़ तिब्बत की दिशा से आई बताई जा रही है. रसुवा जिले के तिमूरे और आसपास के स्याफ्रुबेसी क्षेत्र में गांव और कई परियोजना स्थल बह गए. वाहन, सामान और संपत्तियां पानी में समा गईं. कम से कम 270 लोगों की मौत हो चुकी है और 800 से ज्यादा लोग लापता हैं. नेपाल सेना ने बचाव और राहत कार्यों के लिए 14 हेलीकॉप्टर और टीमों को तैनात किया है. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवान रसुवा और आसपास के इलाकों में राहत कार्य तेज कर रहे हैं.
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