विज्ञापन

1967 का वो गाना जिसमें राजेश खन्ना-आशा पारेख की जोड़ी ने उड़ाया गर्दा, लता मंगेशकर-मन्ना डे के सुरों ने राजस्थानी लोकधुन को बनाया एवरग्रीन

1967 में आई ‘बहारों के सपने’ का ‘चुनरी संभाल गोरी’ आज भी अपनी चंचल धुन, लता मंगेशकर-मन्ना डे की आवाज और आशा पारेख के डांस की वजह से याद किया जाता है.

1967 का वो गाना जिसमें राजेश खन्ना-आशा पारेख की जोड़ी ने उड़ाया गर्दा, लता मंगेशकर-मन्ना डे के सुरों ने राजस्थानी लोकधुन को बनाया एवरग्रीन
1967 का आशा पारेख का यह गाना आज भी है बेहतरीन डांस नंबर
youtube

1967 में आई फिल्म ‘बहारों के सपने' के गानों में आर.डी. बर्मन की संगीत शैली की अलग पहचान सुनाई देती है. इसी फिल्म का गाना ‘चुनरी संभाल गोरी' आज भी पुराने हिंदी फिल्मी गीतों को पसंद करने वालों के बीच याद किया जाता है. लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) और मन्ना डे (Manna De) की आवाज में रिकॉर्ड हुए इस गीत को मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखा था और संगीत आर.डी. बर्मन का था. पर्दे पर आशा पारेख (Asha Parekh) और राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) नजर आए थे. क्या हैं इस गाने से जुड़े और दिलचस्प फैक्ट्स, चलिए आपको बताते हैं.

लता-मन्ना डे की आवाज ने गाने में भरी शरारत

‘चुनरी संभाल गोरी, उड़ी चली जाए रे' की शुरुआत ही बेहद चंचल अंदाज में होती है. गीत में एक लड़की को अपनी उड़ती चुनरी संभालने की बात कही गई है और इसी बहाने मजरूह सुल्तानपुरी ने प्यार, शरारत और मस्ती से भरे बोल लिखे. गाने की खास बात यह है कि लता मंगेशकर की सुरीली आवाज और मन्ना डे की दमदार गायिकी एक-दूसरे के साथ खूबसूरती से मेल खाती है. गाने की धुन में राजस्थान के लोक रंग का एहसास मिलता है और आर.डी. बर्मन ने इसे नाचने-गाने वाले हल्के-फुल्के माहौल के हिसाब से सजाया. 

आशा पारेख के डांस ने गाने को बनाया यादगार

‘चुनरी संभाल गोरी' की सबसे बड़ी खूबसूरती इसका फिल्मांकन भी है. आशा पारेख पर फिल्माए गए इस गीत में उनका डांस और एक्सप्रेशन गाने की मस्ती को पर्दे पर उतार देते हैं. उनके साथ राजेश खन्ना भी दिखाई देते हैं. गाने को एक डांस नंबर के तौर पर फिल्माया गया था और इसमें कई कलाकारों को गीत देखते-सुनते हुए दिखाया गया है. 

‘बहारों के सपने' में आर.डी. बर्मन का अलग अंदाज

‘बहारों के सपने' नासिर हुसैन की फिल्म थी, जिसमें आशा पारेख और राजेश खन्ना मुख्य भूमिकाओं में थे. फिल्म का संगीत आर.डी. बर्मन ने दिया था और इसके गीत मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे. फिल्म में ‘आजा पिया तोहे प्यार दूं', ‘क्या जानूं सजन' और ‘ओ मेरे सजना' जैसे गाने भी शामिल थे. आर.डी. बर्मन के शुरुआती दौर के इस संगीत में अलग-अलग तरह की धुनों के साथ प्रयोग दिखाई देता है. खुद आर.डी. बर्मन ने बाद में एक बातचीत में ‘चुनरी संभाल गोरी' को अपने शुरुआती कामों में याद किया था. 

यही वजह है कि 59 साल बाद भी जब पुराने हिंदी फिल्मी गीतों की बात होती है तो ‘चुनरी संभाल गोरी' का नाम सामने आता है. लता मंगेशकर और मन्ना डे की आवाज, मजरूह के चुलबुले बोल और आशा पारेख की अदाएं मिलकर इस गीत को 1960 के दशक के यादगार डांस नंबरों में शामिल करती हैं.

यह भी पढ़ें: 350 दिनों तक थिएटर में चली धर्मेंद्र की ये फिल्म, 6 सुपरहिट गानों ने 60 साल पहले जीता दिल, रफी-आशा की आवाज से सजे सुर आज भी रेडियो-प्लेलिस्ट की शान
 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Asha Parekh, Lata Mangeshkar, Entertainment, Bollywood
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com