'लगान', 15 जून को 25 साल पूरे करने जा रही है. इस खास मौके को सेलिब्रेट करने के लिए एक इवेंट का आयोजन किया गया. एक्टर आमिर खान और डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर ने शनिवार को मुंबई में एक शानदार पार्टी रखी. उन्होंने ऑस्कर-नॉमिनेटेड क्लासिक फिल्म की कास्ट और क्रू के साथ दोबारा मुलाकात की. इवेंट में फिल्म की हीरोइन ग्रेसी सिंह भी पहुंची. यहां उन्हें देख कर फैंस काफी खुश हुए. ग्रेसी ने फिल्म में गौरी का किरदार निभाया था, जिसे बेहद पसंद किया गया. हालांकि बाद में भी वह कई फिल्मों में दिखीं, लेकिन करियर के पीक पर ही वह इंडस्ट्री से गायब हो गई. काफी समय बाद ग्रेसी को देख कर फैंस के मन में सवाल था कि आखिर यह एक्ट्रेस अब कहां हैं और क्या करती हैं ?

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टीवी से एक्टिंग में रखा कदम
अपने दौर में ग्रेसी सिंह बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्रियों में से एक थीं. 'लगान' में अपने रोल के बाद वे घर-घर में पहचानी जाने लगीं और उन्होंने आमिर खान, अजय देवगन, संजय दत्त और अमिताभ बच्चन जैसे एक्टर्स के साथ काम किया. आमिर खान और ग्रेसी सिंह की फ़िल्म 'लगान' 2001 में ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हुई थी, लेकिन इसके बावजूद वे धीरे-धीरे इंडस्ट्री से गायब हो गईं.
ग्रेसी ने अपने करियर की शुरुआत एक डांसर के तौर पर की थी और वे 'द प्लैनेट्स' डांस ग्रुप के साथ टूर करती थीं. उन्होंने 1997 में टेलीविजन शो 'अमानत' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा. स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म 'लगान: वन्स अपॉन ए टाइम इन इंडिया' में काम करने के बाद वे चर्चा में आईं.
इस फिल्म को आशुतोष गोवारिकर ने लिखा और डायरेक्ट किया था और इसे आमिर खान ने प्रोड्यूस किया था. 'लगान' में ग्रेसी ने अपनी सादगी और मासूमियत से लोगों का दिल जीत लिया. यह फिल्म बहुत बड़ी हिट रही और 'मदर इंडिया' और 'सलाम बॉम्बे' के बाद 'बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म' कैटेगरी में एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेट होने वाली तीसरी भारतीय फिल्म बनी.

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दे चुकी हैं 'मुन्ना भाई M.B.B.S.' और 'गंगाजल' जैसी हिट फिल्में
इसके बाद ग्रेसी सिंह ने 'मुन्ना भाई M.B.B.S.' और 'गंगाजल' जैसी सुपरहिट फिल्में दीं. शानदार एक्टिंग के लिए उन्हें दर्शकों का बहुत प्यार मिला. हालांकि, वे अपनी सफलता को बरकरार नहीं रख पाईं. ग्रेसी ने 'अरमान' फिल्म में अनिल कपूर और अमिताभ बच्चन के साथ काम किया. यह फिल्म फ्लॉप रही. इसके बाद उन्होंने 'चंचल', 'देशद्रोही' और 'देख भाई देख' जैसी फिल्मों में काम किया, जो दर्शकों को प्रभावित नहीं कर पाईं और बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रहीं.
बॉलीवुड में लगातार फ़्लॉप फ़िल्मों के बाद ग्रेसी ने तमिल, तेलुगु, मलयालम, गुजराती, पंजाबी और बंगाली फिल्मों में काम करना शुरू किया. जब वहां भी उन्हें सफलता नहीं मिली, तो ग्रेसी ने एक्टिंग से दूर होने का फैसला किया. बाद में ग्रेसी ने खुलकर कहा है कि एक्टिंग कभी भी उनकी जिंदगी का मकसद नहीं था और न ही उन्होंने कभी बड़ा बॉलीवुड स्टार बनने का सपना देखा था. 2015 में, उन्होंने 'संतोषी मां' के साथ टेलीविजन पर वापसी की, जिसमें उन्होंने संतोषी मां का किरदार निभाया और दर्शकों की नई पीढ़ी का दिल जीता. समय के साथ, ग्रेसी आध्यात्मिक संस्था 'ब्रह्माकुमारीज' से जुड़ गईं. वह अब अक्सर एक्टिंग और शोहरत से परे संतुष्टि पाने के बारे में बात करती हैं.
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