90 के दशक में बॉलीवुड के रोमांटिक गानों की बात हो और कुमार सानू की आवाज याद न आए, ऐसा शायद ही हो. ‘एक सनम चाहिए आशिकी के लिए', ‘चुरा के दिल मेरा' और ‘तुझे देखा तो' जैसे गानों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई. लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने की कहानी उतनी आसान नहीं थी. मुंबई आने के बाद कुमार सानू होटल में गाना गाकर अपना गुजारा करते थे. उन्हें खुद भी शायद अंदाजा नहीं था कि एक दिन उनकी वही आवाज हिंदी सिनेमा के सबसे पसंदीदा गायकों में उनका नाम शामिल कर देगी. इस सफर में एक शख्स की नजर उन पर पड़ी, जिसने उनकी किस्मत बदलने में बड़ी भूमिका निभाई और वह थे जगजीत सिंह.
होटल में गाते थे, वहीं सुनी जगजीत सिंह ने आवाज
कुमार सानू ने एक बार अपने पुराने दिनों को याद करते हुए यह किस्सा सुनाया था. उन्होंने बताया था कि मुंबई आने के बाद वह होटल में गाया करते थे. वहां वह जगजीत सिंह की गजल ‘होंठों से छू लो तुम' भी गाते थे, जिसे लोग काफी पसंद करते थे. इसी दौरान जगजीत सिंह की नजर उनकी आवाज पर पड़ी. कुमार सानू के मुताबिक, जगजीत सिंह ही पहले ऐसे शख्स थे, जिन्होंने उन्हें तलाशा और इंडस्ट्री में आगे बढ़ने का मौका दिया. इतना ही नहीं, वह उन्हें अपनी कार में बैठाकर स्टूडियो भी ले गए और उनकी रिकॉर्ड की गई कैसेट कल्याणजी के सामने रखी. इसके बाद कुमार सानू को आगे काम करने का मौका मिला.
पहला गाना रिकॉर्ड किया, लेकिन फिल्म रिलीज नहीं हुई
कुमार सानू ने बताया था कि जगजीत सिंह की मदद से उन्हें स्मिता पाटिल और शत्रुघ्न सिन्हा की फिल्म के लिए गाना गाने का मौका मिला था. हालांकि, यह फिल्म रिलीज नहीं हो सकी. इसके बावजूद उनके लिए यह मौका बेहद अहम था, क्योंकि यहीं से उनके फिल्मी सफर का रास्ता खुला.
एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड
आगे चलकर कुमार सानू 90 के दशक की सबसे चर्चित आवाजों में शामिल हो गए. उन्हें ‘किंग ऑफ मेलोडी' के नाम से भी जाना गया. उनके नाम एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है. अपने लंबे करियर में उन्होंने अलग-अलग भाषाओं में हजारों गाने गाए.
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