Gracy Singh Birthday Special: लगान, मुन्नाभाई एमबीबीएस की हिरोइन ग्रेसी सिंह 46 की होने जा रही है. बॉलीवुड में जब उन्होंने आमिर खान की फिल्म लगान से जब उन्होंने डेब्यू किया था, तो बारतीय सिनेमा उनके एक्टिंग करियर को काफी सराहा गया था, उनकी पारी को लंबा माना गया था, क्योंकि उनकी पहली फिल्म लगान को 2002 के ऑस्कर के नॉमिनेशन के लिए चुना गया था. लोकिन आज ग्रेसी काचौंध की दुनिया से ऐसे दूर हो चुकी है कि बॉलीवुड की रंगीन दुनिया में भी उनकी झलकियां नहीं मिल पाती. जिसका कारण बताया जा रहा है कि एक्ट्रेस ने एंटरटेनमेंट की दुनिया को अलविदा कहकर आधायत्म की राह अपना ली है. जिसमें उन्होंने भुवन की गोरी का निभाया था. ग्रेसी ने अभी तक शादी नहीं की है .
डांसर से एक्टिंग की दुनिया तक का सफर
बहुत कम लोग जानते हैं कि ग्रेसी सिंह ने अपने करियर की शुरुआत एक डांसर के रूप में की थी. वह एक फेमस डांस ग्रुप द प्लैनेट्स का हिस्सा थीं और उन्होंने इसके साथ कई स्टेज शो और टूर किए. इसके बाद उन्होंने इसी लाइन में अपना करियर बनाने के लिए 1997 में टीवी सीरियल 'अमानत से छोटे पर्दे पर एंट्री ली. जहां उन्हें खूब पहचान मिली. इसके बाद 2001 में उन्होंवे बॉलीवुड के डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर की लीड हिरोइन के तौर पर लगान के जरिए बड़े पर्दे पर एंट्री मारी.

लगान
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2002 में आस्कर के लिए नॉमिनेट हुई थी लगान
2001 में रिलीज हुई लगान ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ते हुए 2002 में ग्लोबल लेवल पर अपनी उपस्थित दर्ज कराते हुए 2002 के ऑस्कर में भी अपनी नॉमिनेशन करवाया था. इस फिल्म में आमिर खानऔर ग्रेसी सिंह की जोड़ी को दर्शकों ने सिर-आखों पर बिठाया. 'लगान' न केवल सुपरहिट रही, बल्कि यह 'मदर इंडिया' और 'सलाम बॉम्बे' के बाद ऑस्कर की बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेशन पाने वाली तीसरी भारतीय फिल्म बनी.
मुन्ना भाई से देशद्रोही तक
'लगान' की बलॉकबस्टर सक्सेस के बाद ग्रेसी सिंह बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस में शामिल हो गईं थी, डयरेक्टर उन्हें अपनी फिल्मों में कास्ट करना चाहते थे, उनकी सादगी और मासूमियत भरा चेहरा फैंस के दिलों को जब जब पर्दे पर आता तो धड़का कर चला जाता.

मुन्ना भाई एमबीबीएस
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मुन्ना भाई एमबीबीएस, गंगाजल से मिली सफलता
वही लगान की सफलता के बाद उनकी झोली में कई बड़े डायरेक्टर के प्रोजेक्ट्स मिले जिनमें उन्होंने काम किया. जिसमें से राजकुमार हिरानी की मुन्ना भाई एमबीबीएस जिसमें वह संजय दत्त के साथ डॉक्टर सुमन के रोल में थी. इसके बाद अजय देवगन के साथ गंगाजल में नजर आई. इन ब्लॉकबस्टर फिल्मों में उनकी एक्टिंग को बेहद सराहा गया.
फ्लॉप फिल्मों का झटका
इसके बाद फिल्म अरमान बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. देखते ही देखते चंचल, देशद्रोही, और देख भाई देख जैसी लगातार फ्लॉप फिल्मों ने उनके हिंदी सिनेमा के करियर पर ब्रेक लगा दिया.
हिंदी फिल्मों में अवसर कम होने पर ग्रेसी ने तमिल, तेलुगु, मलयालम, गुजराती, पंजाबी और बंगाली सिनेमा का भी रुख किया, लेकिन वहाँ भी उन्हें वो अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी.

Santoshi Maa
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संतोषी मां बनकर छोटे पर्दे पर शानदार वापसी
लगातार असफलताओं के बाद ग्रेसी ने फिल्मों से दूरी बना ली. साल 2015 में उन्होंने टीवी शो 'संतोषी मां' से छोटे पर्दे पर एक बार फिर धमाकेदार वापसी की. देवी संतोषी के रूप में उनकी नई पीढ़ी के फैंस का भी दिल जीत लिया. हालांकि, उन्होंने एक इंटरव्यू में साफ कहा था कि एक्टिंग उनके जीवन का अंतिम लक्ष्य कभी नहीं था और न ही मुझे सुपरस्टार बनने की कोई विशेष इच्छा थी.
चकाचौंध से दूर, अब जी रही हैं आध्यात्मिक जीवन
ग्रेसी सिंह फिल्मों की ग्लैमरस दुनिया से पूरी तरह दूर हैं. वह आध्यात्मिक संस्था ब्रह्माकुमारीज (Brahma Kumaris) से गहराई से जुड़ चुकी हैं. वह अक्सर आध्यात्मिक जीवन, आत्मसंतोष और प्रसिद्धि से परे सच्ची खुशी की बात करती हैं.
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