बॉलीवुड की पुरानी कहानी एक बार फिर चर्चा में है. लंबे समय से यह बात कही जाती रही है कि दिवंगत अभिनेता अमरीश पूरी ने गोविंदा को थप्पड़ मार दिया था क्योंकि वे शूटिंग पर नौ घंटे लेट पहुंचे थे. यह अवफाह फिल्म ‘दो कैदी' के समय सुनने में मिली थी. जिस पर अब अमरीश पुरी के राजीव पुरी ने रिएक्शन दिया है. राजीव पूरी ने इस दावे को खारिज कर दिया है. राजीव पूरी विक्की लालवानी के पॉडकास्ट में शामिल हुए. वहां उनसे फिल्म ‘दो कैदी' से जुड़ी इस कहानी के बारे में पूछा गया.
क्या बोली राजीव कपूर
कहा जाता है कि अमरीश पूरी सुबह नौ बजे सेट पर पहुंच गए थे, लेकिन गोविंदा शाम करीब छह बजे आए. इस देरी के बाद झगड़ा हुआ और अमरीश पूरी ने गोविंदा को थप्पड़ मार दिया. राजीव पूरी ने साफ कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह बात सही है. पापा कभी गुस्से में आकर किसी को थप्पड़ नहीं मारते थे. वे शांत स्वभाव के थे. किसी को दो-तीन बार परेशान करने पर ही आवाज ऊंची करते थे. मैंने भी यह बात सुनी और पढ़ी है, लेकिन मुझे यकीन नहीं कि पापा ऐसा कुछ करते.' उन्होंने आगे बताया कि शायद इसी देरी की वजह से गोविंदा ने आगे अमरीश पूरी के साथ काम नहीं किया. राजीव ने कहा कि गोविंदा समझ गए होंगे कि अमरीश पूरी के साथ लेट आना मुश्किल होगा. लेकिन पापा किसी बात का गुस्सा नहीं रखते थे.
अमरीश पूरी और गोविंदा की आखिरी फिल्म
अमरीश पूरी और गोविंदा ने 1989 में रिलीज हुई फिल्म ‘दो कैदी' में साथ काम किया था. उसके बाद दोनों की कोई और फिल्म एक साथ नहीं बनी. इधर गोविंदा ने भी हाल ही में अपनी लेट आने की आदत पर बात की. एएनआई पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि करियर के चरम पर वे रोज चार-पांच शिफ्ट में काम करते थे. इतनी शिफ्ट के बाद समय पर पहुंचना लगभग असंभव था. उन्होंने मजाक में कहा कि उनकी देरी से कई सह-कलाकारों को फायदा हुआ. कादर खान के साथ 43 और शक्ति कपूर के साथ 42 फिल्में कीं. कई कलाकार फ्लैट से बंगले में चले गए.
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