Amitabh Bachchan Blog: बॉलीवुड में एक बात बिल्कुल फिट बैठती है जिसके पास जितना बड़ा स्टारडम होता है वो उतना बड़ा स्टार माना जाता है. लेकिन यह भी सच है कि जितनी तेजी से हिंदी सिनेमा में स्टारपावर मिलती है, उतनी तेजी से छिन भी जाती है. 50 के दशक के ऐसे कई स्टार रहे जिन्होंने फर्श से अर्श तक का सफर बड़ी मेहनत से तय किया था. अपने दौर में दर्शकों के दिलों पर राज भी किया, लेकिन जब गिरे तो अपनों ने ही मुंह ऐसा मोड़ा की पलट कर देखने की जहमत ही की.
ऐसे ही 50 के दशक के मशहूर अभिनेता रहे भरत भूषण, जिन्होंने 1950 के दशक में बैजू बावरा और मिर्जा गालिब जैसी शानदार फिल्में देख सिनेमा को एक अलग दर्शकों का वर्ग दिया था, उन्ही से जुड़ा एक ऐसा किस्सा बिग बी ने अपने ऑफिशयली Big B Blog में बताया है जिसे उन्हें याद कर हमेशा मलाल होता है.
बस स्टॉप पर कतार में खड़े देखा था स्टार भरत भूषण
अमिताभ बच्चन ने अपने अधिकारिक Big B Blog ने स्टार भरत भूषण से जुड़ा एक किस्सा बताया था. जो उनके तंगहाली के दिनों का है. उन्होंने बताया कि एक दिन काम के सिलसिले में जाते समय उन्होंने सांता क्रूज़ के एक बस स्टॉप पर भरत भूषण को खड़ा देखा। कभी लाखों दिलों की धड़कन रहे अभिनेता उस दिन आम लोगों की तरह बस का इंतजार कर रहे थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि वहां मौजूद भीड़ में कोई उन्हें पहचान नहीं रहा था.

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Photo Credit: instagarm
क्यों नहीं रोकी अपनी कार?
अमिताभ बच्चन ने बलॉग में बताया कि बस स्टॉप पर खड़े उन्होंने 50 के दशक के सुपरस्टार भरत भूषण को तुरंत पहचान लिया था. उस समय वे कार में थे, उनका मन था कि वे उस समय अपनी कार रोककर उन्हें उनकी मंजिल तक छोड़ दें. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. इसकी वजह बताते हुए बिग बी ने लिखा कि उन्हें डर था कि कहीं उनकी यह पेशकश भरत भूषण को शर्मिंदा न कर दे. इसी सोच के कारण उन्होंने कार नहीं रोकी और वे आगे बढ़ गए. लेकिन इस बात का उन्हें हमेशा मलाल रहेगा कि काश वह उन्हें उस समय लिफ्ट दे देते.
भरत भूषण का अर्श से फर्श पर गिरना
दरअसल, भरत भूषण अपने समय के सबसे फेमस स्टार थे, उनकी गिनती टॉप के बेहतरीन सिने सितारों में की जाती रही . लेकिन 1960 के आसपास के दशक के बाद उनके स्टारडम में कमी आने लगी थी. क्योंकि उस समय बॉलीवुड में रोमांटिक और ट्रेजिक किरदारों की जगह एक्शन, चुलबुलेपन और आधुनिक शैलियों वाली फिल्मों का दौर आने लगा.
इसके कारण उनके हाथ फिल्में लगना कम हो गई थी. ऐसे में घर का खर्चा और अपनी स्टार पावर को बचाए रखने के लिए उन्होंने कुछ फिल्मों में निर्माता के रूप में निवेश किया, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकीं. लगातार हुए आर्थिक नुकसान ने उनकी जिंदगी बदल दी। कहा जाता है कि नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें अपना बंगला और कार तक बेचनी पड़ी। बाद के वर्षों में वे आर्थिक तंगी से जूझते रहे.
यहां सुने भरत भूषण की फिल्म बैजू बावरा के गाने
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