कुणाल कामरा के बेंगलुरु शो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कर्नाटक हाईकोर्ट तक पहुंच गया है. कोर्ट ने शो के कैंसिल होने पर खुशी जताने वाले एक्टिविस्ट मोहन गौड़ा को हिरासत में लेने के तरीके को लेकर व्हाइटफील्ड पुलिस से सवाल किए हैं. जस्टिस एम. नागप्रसन्ना इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं. मोहन गौड़ा ने अपने खिलाफ दर्ज केस को चुनौती देते हुए अदालत का रुख किया था. मामला कुणाल कामरा के बेंगलुरु में प्रस्तावित कॉमेडी शो और उसके विरोध से जुड़ा है. शो रद्द होने के बाद गौड़ा ने सोशल मीडिया पर इसे ‘हिंदू एकता की जीत' बताया था, जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था.
कुणाल कामरा के शो को लेकर क्या था विवाद?
मामला बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड इलाके में स्थित यूआरयू में प्रस्तावित कुणाल कामरा के कॉमेडी शो से शुरू हुआ. शो को लेकर हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति से जुड़े मोहन गौड़ा ने व्हाइटफील्ड पुलिस से संपर्क कर कार्यक्रम का विरोध किया था. इसके बाद कुणाल कामरा का शो रद्द कर दिया गया. शो कैंसिल होने की जानकारी खुद कुणाल कामरा ने दी थी. कार्यक्रम रद्द होने के बाद मोहन गौड़ा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने शो के कैंसिल होने को ‘हिंदू एकता की जीत' बताया. इसी पोस्ट के बाद पुलिस ने खुद मामले का संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया. पुलिस का कहना था कि इस पोस्ट से लोगों के बीच विवाद और आपसी तनाव बढ़ सकता है.
आधी रात में हिरासत पर कोर्ट ने उठाए सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान गौड़ा की ओर से पेश वकील गिरीश भारद्वाज ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए. उन्होंने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता को उडुपी से रात करीब 2 बजे पुलिस ने हिरासत में लिया. वकील ने कोर्ट में पुलिस के तरीके पर आपत्ति जताते हुए कहा कि गौड़ा के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जैसे उन्होंने कोई बेहद गंभीर अपराध कर दिया हो. इस दौरान अदालत ने भी पुलिस की कार्रवाई और किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने के तरीके को लेकर सवाल उठाए.
किन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला?
मोहन गौड़ा ने अपने खिलाफ दर्ज मामले को चुनौती देते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था.
सुनवाई के दौरान अदालत ने खास तौर पर इस बात पर सवाल किया कि पुलिस ने याचिकाकर्ता के खिलाफ किस आधार पर कार्रवाई की और उसे हिरासत में लेने का तरीका क्या था. कोर्ट की टिप्पणी के बाद अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं. मामला कुणाल कामरा के शो से शुरू हुआ था, लेकिन अब चर्चा पुलिस की कार्रवाई और एक्टिविस्ट की हिरासत को लेकर हो रही है.
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