साल 1975 हिंदी सिनेमा के लिए बेहद खास था. इसी साल ‘शोले' जैसी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा, लेकिन इसी दौर में एक ऐसी फिल्म भी आई जिसने बिना किसी बड़े स्टार के दर्शकों का दिल जीत लिया. यह फिल्म थी ‘जय संतोषी मां'. 30 मई 1975 को रिलीज हुई इस धार्मिक फिल्म में कन्नन कौशल, आशीष कुमार, अनीता गुहा और भारत भूषण जैसे कलाकार थे. फिल्म का बजट काफी कम था, लेकिन कमाई ने हर किसी को चौंका दिया. ‘जय संतोषी मां' 1975 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में दूसरे नंबर पर रही और अपनी कम लागत की वजह से इसका मुनाफा बेहद ज्यादा बताया गया.
कम बजट में बनी, फिर भी बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका
‘जय संतोषी मां' का निर्देशन विजय शर्मा ने किया था, जबकि इसके निर्माता सतराम रोहरा थे. फिल्म में कन्नन कौशल ने सत्यवती, आशीष कुमार ने बिराजराम और अनीता गुहा ने संतोषी मां का किरदार निभाया था. भारत भूषण, त्रिलोक कपूर, राजन हक्सर, लीला मिश्रा और राजनी बाला भी फिल्म का हिस्सा थे.
फिल्म की खासियत यह थी कि इसकी स्टारकास्ट में उस समय के बड़े कमर्शियल सितारे नहीं थे. इसके बावजूद फिल्म दर्शकों के बीच ऐसी लोकप्रिय हुई कि सिनेमाघरों में इसे लेकर अलग ही माहौल बन गया. कई रिपोर्टों में फिल्म की लागत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है, जबकि इसकी कमाई करीब 5 करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया. हालांकि अलग-अलग स्रोतों में बजट और कमाई के आंकड़ों में अंतर मिलता है.
‘शोले' से कैसे हुई तुलना?
‘जय संतोषी मां' और ‘शोले' की रिलीज एक ही दिन नहीं हुई थी. ‘जय संतोषी मां' 30 मई को रिलीज हुई थी और ‘शोले' 15 अगस्त को सिनेमाघरों में आई. फिर भी दोनों का नाम 1975 की बॉक्स ऑफिस सफलता के संदर्भ में साथ लिया जाता है. उस साल ‘शोले' सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म रही, जबकि ‘जय संतोषी मां' दूसरे स्थान पर रही. दिलचस्प बात यह है कि कम लागत के कारण ‘जय संतोषी मां' का प्रॉफिट मार्जिन ‘शोले' से ज्यादा बताया गया है, भले ही कुल बॉक्स ऑफिस कमाई में ‘शोले' आगे थी. यही वजह है कि इस फिल्म को 1975 की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट्स में गिना जाता है.
7 गानों ने बनाया माहौल
फिल्म का संगीत सी. अर्जुन ने दिया था और गीत मशहूर कवि प्रदीप ने लिखे थे. ‘जय संतोषी मां' के साउंडट्रैक में 7 गीत हैं. इनमें उषा मंगेशकर, महेंद्र कपूर, मन्ना डे और कवि प्रदीप की आवाज सुनाई देती है. ‘मैं तो आरती उतारूं रे संतोषी माता की', ‘करती हूं तुम्हारा व्रत मैं', ‘मदद करो संतोषी माता', ‘याहां वहां जहां तहां मत पूछो कहां-कहां है संतोषी मां' और ‘मत रो मत रो आज राधिके' जैसे गीत फिल्म की पहचान बन गए.
खासकर उषा मंगेशकर की आवाज में गाए भक्ति गीतों ने दर्शकों के बीच गहरी जगह बनाई. फिल्म की लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि इसके गाने सिनेमाघरों से निकलकर धार्मिक आयोजनों और आरती का हिस्सा तक बन गए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं