हीरो-हीरोइन की तरह हर फिल्मी की भी अपने संघर्ष की कहानी होती है. कुछ फिल्में बजट के लिए संघर्ष कर रही होती हैं तो कुछ कास्ट के लिए,लेकिन जब वह बनकर तैयार होती है कि तो कभी-कभी इतिहास भी रच देती हैं. आज हम आपको 40 साल पुरानी एक फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसको चंदा जोड़कर बनाया गया था. इस फिल्म का नाम ‘अब आएगा मजा' है. दिग्गज एक्टर फारूक शेख की इस पुरानी कॉमेडी फिल्म का निर्माण बेहद अनोखे तरीके से हुआ था.
फिल्म के लिए किया 500-500 रुपये का चंदा इकट्ठा
साल 1984 में रिलीज हुई फिल्म ‘अब आएगा मजा' को महज 500-500 रुपये का चंदा इकट्ठा करके बनाया गया था. यह जानकारी गीतकार समीर अनजान ने हाल ही में शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में दी. उन्होंने बताया कि सिनेमा की दुनिया में कई दिलचस्प किस्से हैं. इनमें से एक फिल्म ऐसी भी थी जिसमें फारूक शेख और अनीता राज जैसे बड़े कलाकार थे. इस फिल्म का निर्माण चंदा जुटाकर किया गया था.
समीर अनजान के अनुसार, आलोक नाथ और गिरिजा शंकर जैसे कलाकारों ने निर्माता की जिम्मेदारी संभाली. प्रोडक्शन टीम के सदस्यों ने मिलकर 500-500 रुपये का योगदान दिया और इसी पैसे से फिल्म बनाई गई. फिल्म का निर्देशन पंकज पाराशर ने किया था. पंकज पाराशर बाद में ‘चालबाज' जैसी लोकप्रिय फिल्मों के लिए जाने गए.
समय के साथ कल्ट बनी फिल्म
‘अब आएगा मजा' बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा सफल नहीं रही. लेकिन समय के साथ यह एक कल्ट कॉमेडी फिल्म के रूप में याद की जाने लगी. फिल्म में फारूक शेख मुख्य भूमिका में थे. उनके साथ रवि बसवानी, सतीश कौशिक, राजा बुंदेला और गिरिजा शंकर जैसे कलाकारों ने भी अच्छी एक्टिंग की.
फारूक शेख हिंदी सिनेमा के उन अभिनेताओं में शामिल थे जिन्होंने कई यादगार फिल्में दीं. ‘अब आएगा मजा' उनकी उन फिल्मों में से एक है जिसकी कहानी बनाने का तरीका आज भी लोगों को हैरान करता है. कम बजट और चंदा जुटाकर बनी यह फिल्म बताती है कि उस दौर में फिल्म निर्माण कितना संघर्षपूर्ण होता था.
आज से 42 साल पहले आई यह फिल्म व्यावसायिक रूप से फ्लॉप रही, लेकिन कॉमेडी प्रेमियों के बीच इसकी अलग पहचान बनी रही. समीर अनजान के इस खुलासे ने फिल्म की पुरानी यादों को फिर ताजा कर दिया है.
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