NEET को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच छात्रों के समर्थन में बॉलीवुड से भी आवाजें उठ रही हैं. पेपर लीक होने को लेकर सैकड़ों छात्र और नौकरी के उम्मीदवार नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज समेत जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप भी लगाया है और दावा किया है कि टकराव के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए. सलमान खान, आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा, करीना कपूर और कई मशहूर हस्तियों ने सोशल मीडिया पर CJP विरोध प्रदर्शनों पर अपनी राय साझा की. हालांकि, आमिर खान की बेटी आइरा खान उनमें शामिल नहीं हैं. इंस्टाग्राम पर एक नए वीडियो में स्टार किड ने बताया कि उन्हें इस मुद्दे पर बोलने की जरूरत क्यों महसूस नहीं हुई.
आइरा ने एक लंबा वीडियो बनाया और कहा, "यह सच है कि मैं मेंटल हेल्थ की एडवोकेट हूं और जब भी मैं इन विषयों पर बात करती हूं तो आपका ध्यान आकर्षित करती हूं. मुझे लगता है कि मेंटल हेल्थ ही पूरी जिंदगी है. मैंने कुछ बातों को कहने और उन पर आवाज उठाने का फैसला किया है. कुछ कारण हैं जिनकी वजह से मैंने ऐसा नहीं किया और मैं उन्हें समझाने की पूरी कोशिश करूंगी." उन्होंने आगे कहा, "सबसे पहली बात जो मेरे मन में आती है, वह यह है कि मुझे नहीं लगा कि मेरे पास कहने के लिए कुछ ऐसा है जो इस बातचीत में कोई खास योगदान देगा. खासकर इसलिए क्योंकि मेरे मन में इसे लेकर कोई खास भावना नहीं है, जबकि आम तौर पर मैं हर खबर पर अपनी भावनाएं रखती हूं.
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मैं आमतौर पर खबरें नहीं देखती, न ही अपने 'एक्सप्लोर पेज' पर जाती हूं. मैंने हिंसा या विरोध-प्रदर्शन का कोई वीडियो नहीं देखा है. मुझे पता है कि ये सब हो रहा है, लेकिन मैं खुद को भावनात्मक रूप से प्रभावित नहीं होने देती क्योंकि इससे मुझे बहुत परेशानी होती है, मैं परेशान हो जाती हूं. खुद को बहुत असहाय महसूस करने लगती हूं... मैं अपनी एनर्जी और ध्यान इस बात पर लगाती हूं कि कोई व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत क्षमता से, किसी सिस्टम के दायरे में या उससे अलग हटकर, सबसे बेहतर तरीके से कैसे आगे बढ़ सकता है. मैं यह नहीं कह रही कि यह सबसे अच्छा तरीका है, लेकिन मैं यही करती हूं."
उन्होंने कहा, "मैं खबरें नहीं देखती और न ही सोशल मीडिया देखती हूं... इसलिए मेरे मन में इसे लेकर कोई भावना नहीं जगी. मुझे एक रील भेजी गई थी और बताया गया था कि उसमें मेरी कजिन है और शायद उसे किसी विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जा रहा था, जिससे मैं घबरा गई. जैसे ही मुझे पता चला कि वह सुरक्षित है, मैं वापस अपने काम में लग गई... मैंने कुछ नहीं कहा क्योंकि मुझे नहीं लगा कि मेरे कुछ कहने से कोई फर्क पड़ेगा. इसलिए, अगर इस समय मेरे न बोलने का मतलब किसी भी तरह से यह निकाला गया कि मुझे परवाह नहीं है, तो मुझे खेद है.मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था."
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इरा ने यह भी कहा कि वह समझती हैं कि ये विरोध-प्रदर्शन परीक्षाओं को लेकर हैं. उनका मानना है कि बातचीत और अलग-अलग विचारों के लिए गुंजाइश होनी चाहिए. उन्होंने कैप्शन में लिखा, "मुझे लगता है कि नजरें फेर पाने की क्षमता या उसकी गुंजाइश होना—यानी ऐसा करने का विकल्प होना—एक विशेषाधिकार है. मैं यह पता लगाने की कोशिश कर रही हूं कि मेरे मूल्यों के अनुरूप मेरी सबसे उपयोगी भूमिका क्या हो सकती है, और मैं वही करूंगी."
बता दें कि पिछले लगभग एक महीने से छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और कई अन्य लोग इस आंदोलन में शामिल हुए हैं और कुछ लोगों ने तो भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है. प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा में हुई अन्य अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. साथ ही वे शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की भी मांग कर रहे हैं.
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