75 Years of NDA wins 72nd National Awards: 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स (National Film Awards) में पुनीत बालन स्टूडियोज की डॉक्यूमेंट्री ‘75 इयर्स ऑफ एनडीए' (75 Years of NDA) ने एक बाजी मार ली. इस फिल्म के एडिटर मनवीर जसरोटिया को नॉन-फीचर फिल्म कैटेगरी में बेस्ट एडिटिंग का नेशनल अवॉर्ड मिला है. इस अवॉर्ड सम्मान के साथ ही पुनीत बालन स्टूडियोज ने भारतीय डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकिंग में अपनी मजबूत पकड़ को और पुख्ता कर लिया है.
क्या है ‘75 इयर्स ऑफ एनडीए' की कहानी?
यह डॉक्यूमेंट्री नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), खड़कवासला की 75 सालों के गौरवशाली सफर पर आधारित है. फिल्म न केवल देश की सबसे बेहतरीन सैन्य प्रशिक्षण संस्था के योगदान को सिनेमाई अंदाज में शानदार तरीके से पेश करती हुई, बल्कि दर्शकों को भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) की कठिनाई और उनकी मेहनत से रूबरू कराती है, जिन पर देश के भावी जांबाज तैयार किए जाते हैं. फिल्म का निर्देशन तनुज भाटिया और तनुका लघाटे ने किया. फिल्म की ्पटकथा मुग्धा कालरा ने लिखी है.
हर हिस्से को बेहतरीन तरीके से किया है शूट
इस डॉक्यूमेंट्री में रेयर आर्काइवल फुटेज, शानदार विजुअल्स, कठिन ट्रेनिंग सीक्वेंस और परेड सेरेमनी के जरूरी दस्तावेजो का बेहतरीन तरीके से प्रयोग किया गया है. फिल्म के एडिटर मनवीर जसरोटिया ने इन सभी हिस्सों को एक बेहतरीन और सधे हुए नैरेटिव में बांधा है, जिससे यह फिल्म जानकारी देने के साथ-साथ दर्शकों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ती .
अधिकारियों को समर्पित है अवॉर्ड
इस बड़ी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए पुनीत बालन स्टूडियोज के प्रोड्यूसर पुनीत बालन ने कहा कि 75 इयर्स ऑफ एनडीए से जुड़े सभी लोगों के लिए यह नेशनल अवॉर्ड बेहद गर्व का पल है. यह सम्मान नेशनल डिफेंस एकेडमी की गौरवशाली विरासत और उन बहादुर अधिकारियों को समर्पित है, जिन्होंने अपना जीवन देश सेवा के लिए लगा दिया. मुझे बेहद खुशी है कि इस सफर को दर्ज करने की हमारी कोशिश को देश का सर्वोच्च सम्मान मिला. मैं एडिटर मनवीर जसरोटिया और पूरी क्रिएटिव टीम को बधाई देता हूं.
NDA की उपलब्धियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाती है ये फिल्म
पुनीत बालन स्टूडियोज ने इस प्रोजेक्ट को केवल एक डॉक्यूमेंट्री के रूप में नहीं, बल्कि भारत की सैन्य ताकत को एक अंदाज में नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया था. लंबे रिसर्च और हाई प्रोडक्शन वैल्यूज के साथ बनी यह फिल्म एनडीए की स्थापना से लेकर उसके विकास और उपलब्धियों को सामने लाती है. फिल्म दिखाती है कि किस तरह एनडीए ने दशकों से ऐसे जांबाज तैयार किए हैं जिन्होंने युद्ध, शांति मिशन और आपदा राहत के मोर्चों पर हमेशा देश का तिरंगा ऊंचा रखा है.
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