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70 साल पुराना गाना, खेतों के बीच पंछी बन उड़ी थी नरगिस, लता मंगेशकर की आवाज हसरत जयपुरी के बोल ने बनाया सदाबहार

70 साल पहले नरगिस पर फिल्माया गया गाना आज भी आजादी और बेफिक्र जिंदगी का एहसास कराता है. लता मंगेशकर की आवाज और शंकर-जयकिशन के संगीत से सजा ये गाना सात दशक बाद भी म्यूजिक लवर्स के दिलों में खास जगह रखता है.

70 साल पुराना गाना, खेतों के बीच पंछी बन उड़ी थी नरगिस, लता मंगेशकर की आवाज हसरत जयपुरी के बोल ने बनाया सदाबहार
70 साल पुराना नरगिस का गाना, लता मंगेशकर की आवाज ने बनाया सदाबहार
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नई दिल्ली:

हिंदी सिनेमा में कुछ गाने ऐसे हैं, जिन्हें सुनते ही मन आजाद पंछी की तरह खुले आसमान में उड़ने लगता है. जिसमें न कोई बंदिशे होती है, न कोई फिक्र और न ही दुनिया की परवाह. आज हम 70 साल पुराने एक ऐसे ही गाने की बात करेंगे, जिसे हर लड़की के दिल कहा जाता है. नरगिस पर फिल्माए गए इस गाने को सात दशक के बाद भी याद किया जाता है. इस गाने के बोल, संगीत और इसकी लोकेशन को बेहद ही खूबसूरती से पर्दे पर पेश किया गया है. इस गाने को सुनते ही आप इससे कनेक्ट कर पाएंगे. साल 1956 में आया ये गाना बताता है कि कोई भी अपनी आजादी को लेकर के कितना खुश हो सकता है. इस गाने में इस बात को बखूबी दर्शाया गया है. यही वजह है कि ये आज भी म्यूजिक लवर्स के दिल को जीतता है.

लता मंगेशकर की आवाज ने गीत में भरी आजादी की उड़ान

हम बात कर रहे हैं साल 1956 में आई फिल्म 'चोरी-चोरी' की, इस फिल्म में नरगिस और राज कपूर की. जिसमें नरगिस ने कम्मो और राज कपूर ने सागर का किरदार निभाया था. फिल्म का गाना 'पंछी बनूं उड़ती फिरूं मस्त गगन में' का गाना जिसे लता मंगेशकर ने अपनी आवाज से इस एहसास को और खूबसूरत बना दिया. ये सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि बेफिक्र जिंदगी और आजादी की चाह को भी बयां करता है. गाने के बोलों में खुले आसमान में उड़ने और जिंदगी को अपने अंदाज में जीने की ख्वाहिश नजर आती है. गाने का संगीत शंकर-जयकिशन ने तैयार किया था और इसके बोल लिखे थे हसरत जयपुरी ने. इन तीनों की तिकड़ी ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार गीत दिए, ये गाना भी उन्हीं मे से एक था. इस गाने की खासियत इसकी सिंपलिसीटी है, जो इसे सुनने वाले को आसानी से अपने साथ जोड़ लेती है. गाने के बोल इस प्रकार हैं-

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पंछी बनूँ उड़ती फिरू मस्त गगन मे
आज मैं आज़ाद हू दुनिया की चमन मे
पंछी बनूँ उड़ती फिरू मस्त गगन मे
आज मैं आज़ाद हू दुनिया की चमन मे
हिल्लोरी(हिल्लोरी, हिलो हिलो हिलो री)
हिल्लोरी(हिल्लोरी, हिलो हिलो हिलो री)
हिल्लोरी(हिल्लोरी, हिलो हिलो हिलो री)
हिल्लोरी(हिल्लोरी, हिलो हिलो हिलो री)
ओ मेरे जीवन मे चमका सवेरा
ओ मिटा दिल से वो गम का अंधेरा
ओ हरे खेतो मे गाए कोई लहरा
ओ यहा दिल पर किसिका ना बैरा
रंग बहारो ने भरा मेरे जीवन मे
रंग बहारो ने भरा मेरे जीवन मे
आज मैं आज़ाद हू दुनिया की चमन मे
पंछी बनूँ उड़ती फिरू मस्त गगन मे
आज मैं आज़ाद हू दुनिया की चमन मे

नरगिस और राज कपूर की फिल्म से जुड़ा है खास ट्रिविया

अनंत ठाकुर के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था. फिल्म के गाने  'पंछी बनूं उड़ती फिरूं मस्त गगन में' में नरगिस नजर आई थीं. इसके साथ ही इस फिल्म में राज कपूर प्राण, जॉनी वॉकर, गोप और डेविड अब्राहम जैसे कलाकारों ने भी अभिनय किया था. इस फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा और भी है. इस फिल्म के दो गानों 'पंछी बनूं उड़ती फिरूं' और 'जहां मैं जाती हूं' के कुछ सीन्स को टेक्नीकलर में शूट किया गया था. IMDb के ट्रिविया में इस बारे में बताया गया है. उस दौर में कलर्ड सीन्स के साथ इन गानों को देखना दर्शकों के लिए एक अलग एक्सपीरियंस रहा होगा.

फिल्म को मिले कई अवॉर्ड

फिल्म 'चोरी चोरी' की कहानी एक अमीर लड़की कम्मो और पत्रकार सागर के इर्द-गिर्द घूमती है. इस फिल्म की कहानी 1934 की हॉलीवुड फिल्म 'इट हैपन्ड वन नाइट' से प्रेरित होकर बनाई गई थी. फिल्म की कहानी के साथ ही इसके संगीत को भी खूब पसंद किया गया था. इसके गीतों में 'आजा सनम मधुर चांदनी में हम', 'ये रात भीगी-भीगी' और 'जहां मैं जाती हूं' जैसे गाने भी शामिल हैं. इस फिल्म के संगीत को शंकर-जयकिशन ने तैयार किया था और साल 1957 में उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन का अवॉर्ड भी मिला था. 
 

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