फिल्मी गानों के लिरिक्स में लेखकों और शायरों ने खूब एक्सपेरिमेंट किए. यही एक्सपेरिमेंट थे जिनकी वजह से ईना मीना डीका, मेरा नाम चिन चिन चू जैसे क्लासिक गाने मिले. आज हम आपको ऐसे ही एक गाने के बारे में बताने जा रहे हैं. इस गाने के बोल भी अपने आप में काफी नए और अलग थे. इस तरह के शब्दों का ना पहले कभी इस्तेमाल हुआ था ना ही दोबारा कभी सुनने को मिले. कमाल की बात ये है कि इन शब्दों का कोई मतलब भी नहीं है. ये तो बस म्यूजिक और राइमिंग के हिसाब से लिख दिए गए और यादगार बन गए.
हम बात कर रहे हैं 1978 में यश चोपड़ा के डायरेक्शन में आई फिल्म ‘त्रिशूल' के गाने ‘गापूची गापूची गम गम' की. यह मस्तीभरा रोमांटिक गाना पूनम ढिल्लों और सचिन पिलगांवकर पर फिल्माया गया है. इस गाने के बोल प्यार की एक अलग ही दुनिया में लेकर जाते हैं जहां बोल कुछ अटपटे हैं लेकिन फीलिंग्स वही हैं. “गापूची गापूची गम गम, किशिकी किशिकी कम कम” जैसे मजेदार शब्द लीड जोड़ी के प्यार को जाहिर करते हैं. गाना आगे बढ़ता है “ओ सनम, हम दोनों साथ रहें जनम-जनम. फूलों जैसा चेहरा, डाली जैसा तन, जादू भरी आंखें और भीगे मौसम में दिल की हलचल...ये सब प्यार को एक मुकाम तक ले जाने की ख्वाहिश जाहिर करते हैं. साहिर लुधियानवी के बोल सरल पर भावपूर्ण हैं.
त्रिशूल फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी बदले की है. राज कुमार गुप्ता (संजीव कुमार) अपनी प्रेमिका शांति (वहीदा रहमान) को छोड़कर अमीर लड़की से शादी कर लेता है. शांति अकेले बेटे विजय (अमिताभ बच्चन) को पालती है. मां की मौत के बाद विजय पिता के कारोबार और परिवार को बर्बाद करने दिल्ली आता है. शशि कपूर, हेमा मालिनी, राखी भी लीड रोल में हैं. पूनम ढिल्लों (कुसुम) और सचिन (रवि) को यंग कपल के तौर पर दिखाया गया है. त्रिशूल के इस पॉपुलर गाने की बात करें तो 'गापुची गापुची गम गम' गाना लता मंगेशकर और नितिन मुकेश ने गाया था. नितिन लीजेंड्री सिंगर मुकेश के बेटे हैं. खय्याम ने इस गाने को मधुर धुन दी. साहिर लुधियानवी के बोल के साथ ये कमाल का कॉम्बिनेशन गाने के हिट करवा गया.
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