हिंदी सिनेमा के कुछ गाने ऐसे रहे हैं जिनका ट्रेंड आया तो सालों तक गया ही नहीं. 42 साल पहले भी एक ऐसा गाना आया था, जिसके रिलीज होने के बाद लड़कियों में साड़ी का ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ गया था. लड़कियों और महिलाओं के बीच साड़ियों की ऐसी डिमांड बढ़ी थी कि दुकानों से साड़ियां तक गायब हो गई हैं. 1984 की फिल्म तोहफा ने सिर्फ बॉक्स ऑफिस नहीं, बल्कि पूरे भारत के साड़ी कल्चर को हिला दिया.
किशोर कुमार-आशा भोसले की आवाज और इंदीवर के बोल
जया प्रदा के रंग-बिरंगे लुक वाले गाने 'तोहफा तोहफा लाया लाया' ने दर्शकों को इतना दीवाना बना दिया कि दुकानों में साड़ियां खत्म हो गईं. थिएटरों में गाना चलते ही साड़ियों की डिमांड आसमान छू गई. बप्पी लहरी का धुन, किशोर कुमार-आशा भोसले की आवाज और इंदीवर के बोल मिलकर यह गाना सिर्फ हिट नहीं, बल्कि एक पूरा फैशन क्रेज बन गया. यह कहानी उसी जादुई पल की है जब एक गाने ने सिनेमा और बाजार दोनों को बदल दिया.
दुकानों के खत्म हुई साड़ियां
'तोहफा तोहफा लाया लाया' गाने में जया प्रदा के रंग-बिरंगे साड़ी लुक ने धूम मचा दी. जया प्रदा खुद ने बताया कि गाना इतना पॉपुलर हुआ कि थिएटरों में साड़ियों की डिमांड बढ़ गई और दुकानों में साड़ियां मिलना बंद हो गईं. बॉम्बे डाइंग ने फिल्म के सेट के लिए साड़ियां उपलब्ध कराई थीं. श्रीदेवी वाले गाने 'गोरी तेरे अंग अंग में' और 'एक आंख मारूं तो' में भी कई साड़ियां इस्तेमाल हुईं. गाना बिनका गीतमाला में टॉप पर रहा और आज भी लोगों को याद है.
फिल्म की कहानी
फिल्म तोहफा का निर्देशन कोवेलामुडी राघवेंद्र राव ने किया था. यह तेलुगु ब्लॉकबस्टर फिल्म देवता का रीमेक था, जिसमें जया प्रदा और श्रीदेवी ने अपनी भूमिकाएं दोहराईं. कहानी दो बहनों जॉकी (जया प्रदा) और ललिता (श्रीदेवी) की है जो एक ही लड़के राम (जितेंद्र) से प्यार करती हैं. ललिता बलिदान देती है. जितेंद्र, जया प्रदा और श्रीदेवी की तिकड़ी ने दर्शकों को बांध लिया. शक्ति कपूर का 'आउऊऊ लोलिता' डायलॉग आज भी याद किया जाता है. फिल्म 3 फरवरी 1984 को रिलीज हुई और 160 मिनट की इस फैमिली ड्रामा ने दिल जीत लिया.
साल की सबसे बड़ी हिट फिल्म
1984 में अमिताभ बच्चन की शराबी, धर्मेंद्र की राज तिलक और राजेश खन्ना वाली फिल्मों के बीच तोहफा ने सबको पीछे छोड़ दिया. यह साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी. लगभग 9 करोड़ रुपये की कमाई हुई. फिल्म को फिल्मफेयर में बेस्ट म्यूजिक, बेस्ट लिरिक्स और बेस्ट कॉमिक एक्टर के तीन नॉमिनेशन मिले. संगीत और भावनात्मक कहानी ने इसे सुपरहिट बनाया.
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