रक्षाबंधन आते ही भाई की कलाई पर बंधी राखी, बहन की प्यारी सी मुस्कान और पुराने फिल्मी गाने याद आने लगते हैं. हिंदी फिल्मों में भाई-बहन के रिश्ते पर कई खूबसूरत गाने बने हैं, लेकिन एक गाना ऐसा भी है जो प्यार के साथ-साथ ऐसा दर्द छोड़ जाता है, जिसे भूलना आसान नहीं. करीब 33 साल पहले आए इस गाने में राखी का मतलब सिर्फ प्यार नहीं था, बल्कि कहानी आगे बढ़ते-बढ़ते ये गाना इतना भावुक हो गया कि इसे देखने वाले भाई-बहन की आंखें नम हो गईं.
33 साल पहले आया था ये राखी वाला गाना
साल 1993 में फिल्म तिरंगा में ये राखी का गाना रखा गया था. इसके बोल थे 'इसे समझो ना रेशम का तार भैया, मेरी राखी का मतलब है प्यार भैया'. गाने को साधना सरगम ने गाया था. इसके बोल संतोष आनंद ने लिखे थे और संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया था. गाने में बहन अपने भाइयों के लिए अपने प्यार को बेहद प्यारे अंदाज में कहती है.
राखी के धागे में छिपा था प्यार
गाने के बोल बताते हैं कि बहन के लिए राखी सिर्फ एक धागा नहीं होती. इसमें भाई के लिए उसका प्यार और अपनापन जुड़ा होता है. यही वजह है कि गाने की शुरुआत सुनकर एक खूबसूरत और खुशहाल राखी के त्योहार का एहसास होता है. लेकिन आगे कहानी कुछ ऐसा मोड़ लेती है, जिसकी शायद किसी को उम्मीद नहीं होती.
खुशी से दर्द तक पहुंच जाता है गाना
फिल्म में बहन के तीन भाइयों में से एक को गोली मार दी जाती है. उसके आखिरी पलों में बहन उसे राखी बांधती है. ऐसे में राखी के प्यार से शुरू हुआ ये गाना अचानक बेहद दर्दभरा हो जाता है. भाई के लिए बहन का प्यार और उसे खोने का डर वाला ये पल गाने को और भी यादगार बना देता है. ये गाना राजकुमार, नाना पाटेकर के लीड रोल वाली फिल्म तिरंगा में था. दोनों लीड स्टार्स के कई डायलॉग आज भी लोगों को याद हैं और सोशल मीडिया पर इसके मीम्स भी खूब नजर आते हैं. लेकिन फिल्म का ये राखी गाना अपनी अलग वजह से याद किया जाता है. 33 साल बाद भी रक्षाबंधन पर पुराने गानों की बात हो तो इसका जिक्र जरूर आता है.
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