बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की जिंदगी की कहानी संघर्ष की मिसाल है. शुरुआती करियर में नेशनल अवॉर्ड जीतने के बावजूद उन्हें कई मुश्किलें झेलनी पड़ीं. हाल ही में फिल्ममेकर फराह खान जब उनके मुंबई घर पहुंचीं, तो मिथुन ने अपनी उन पुरानी यादों को दोहराया. मिथुन चक्रवर्ती ने 1976 में फिल्म ‘मृगया' से डेब्यू किया था और बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी जीता. लेकिन इसके बाद काम नहीं मिला. फराह खान ने बताया कि उनके चाचा के पार्टियों में मिथुन सिर्फ खाने के लिए नाचते थे. कोई फीस नहीं लेते थे, सिर्फ रात का खाना मिल जाए, इतना काफी था.
फुटपाथ में गुजारे दिन
फराह ने कहा, 'लोग स्ट्रगल शब्द का इस्तेमाल आसानी से करते हैं, लेकिन असली स्ट्रगल यही होता है.' मिथुन ने खुद बताया कि कई बार थकान के मारे चलते-चलते फुटपाथ पर ही सो जाते थे. गार्डन या सड़क पर रात काटना आम बात हो गई थी. नेशनल अवॉर्ड जीतने के बाद भी उनके पास घर नहीं था. उनके बेटे नामाशी और मिमोह ने बताया कि पिता ने 15 दिन तक अपनी पहली कार में ही गुजारा किया. बाथरूम के लिए एक जिम में झाड़ू-पोछा करते थे, तभी नहाने की इजाजत मिलती थी.
फ्लॉप फिल्मों के बाद शुरू किया होटल
बाद में जब करियर में उतार आया, तो मिथुन ने 1994 में ऊटी में होटल शुरू किया. उन्होंने बताया कि फिल्में ठीक से नहीं चल रही थीं. बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए पत्नी पिंकी के साथ ऊटी चले गए. होटल चलाया, ताकि नाम के सहारे बिजनेस चलता रहे. वहीं उनकी बेटी का जन्म भी हुआ. फराह खान ने कहा कि यह होटल काफी भाग्यशाली रहा. ‘दिल से' और ‘कुछ कुछ होता है' जैसी फिल्मों की शूटिंग वहां हुई और वे हिट साबित हुईं.
मिथुन ने एक साल में 19 फिल्में रिलीज करने का रिकॉर्ड भी बनाया. ‘डिस्को डांसर' ने उन्हें डिस्को किंग बना दिया. आज वे स्टाइल आइकन माने जाते हैं. फराह ने कहा कि पहले लोग उनके और गोविंदा के कपड़ों का मजाक उड़ाते थे, लेकिन अब न्यूयॉर्क फैशन वीक से लेकर रणवीर सिंह और करण जौहर तक वही स्टाइल अपना रहे हैं.
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