विज्ञापन

मोहम्मद रफी का पहला भोजपुरी गाना, हिंदी दर्शकों के बीच दिखाया बेटी का दर्द, शैलेंद्र के लिखे बोल हुए एवरग्रीन

मोहम्मद रफी का पहला भोजपुरी गाना 62 साल पहले आया था, जिसे हिंदी दर्शकों ने भी खूब पसंद किया था. इसके बोल शैलेंद्र ने लिखे थे.  

मोहम्मद रफी का पहला भोजपुरी गाना, हिंदी दर्शकों के बीच दिखाया बेटी का दर्द, शैलेंद्र के लिखे बोल हुए एवरग्रीन
मोहम्मद रफी का पहला भोजपुरी गाना, बेटियों के दर्द को शैलेंद्र ने शब्दों में पिरोया
YouTube

मोहम्मद रफी और किशोर कुमार दो ऐसे मेल सिंगर हैं, जिनके गानों ने 70 के दशक को और भी ज्यादा खूबसूरत बना दिया. वहीं बात मोहम्मद रफी की करें तो लिखे जो खत तुझे, क्या हुआ तेरा वादा, चौदहवीं का चांद हो और बहारों फूल बरसाओ जैसे गानों से फैंस का दिल जीता. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोहम्मद रफी ने केवल हिंदी सिनेमा के लिए ही गाने नहीं गाए. बल्कि कुछ भोजपुरी गाने भी गाए, जिसमें 64 साल पहले उनका पहला गाना था. इस गाने में मोहम्मद रफी ने बेटी का दर्द बयां किया था, जो केवल भोजपुरी ही नहीं बल्कि हिंदी भाषा में भी पॉपुलर हुआ. इसके बोल शैलेंद्र ने लिखे थे. 

मोहम्मद रफी का पहला भोजपुरी गाना

मोहम्मद रफी के जिस भोजपुरी गाने के बारे में बात कर रहे हैं वह 'सोनवा के पिंजरा में बंद भईल हाय राम' है, जो भोजपुरी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और सदाबहार गीतों में गिना जाता है. इसे मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज से अमर बनाया है. 1964 में आई फिल्म गंगा मईया तोहे पियारी चढ़ईबो में यह गाना था. गाने के बोल हिंदी सिनेमा के मशहूर गीतकार शैलेंद्र ने लिखे थे. जबकि म्यूजिक चित्रागुप्ता ने दिया था. 

ये भी पढ़ें- आशा भोसले का 60 साल पुराना सदाबहार गीत, मुंबई की लोकल ट्रेन में खूब देता था सुनाई, अमीरों को दुआ देते थे गरीब

सोने का पिंजरा गाने के लिरिक्स

सोनवा के पिंजरा में बंद भईल हाय राम
चिरई के जियरा उदास
टूट गईल डालियाँ छितर गईल छोटबा
छूट गईल नील रे आकाश

छल-छल नैंना निहारे चुपके रही
चलली बिदेसवा रे मईया के दुआर 
आंसुओं के मोतियां निसानी मोरे बाबुला 
धारी गईनी हमको रे पार

छल-छल रह गईली संग कि सहेलियां
ले गई बांध के निठुर रे बहेलिया 
मोरे मन मितवा भुला दे अब हमरा के 
छोड़ दे मिलन की तू आस
सोनवा के पिंजरा मां 

सोनवा के पिंजरा में गाने का हिंदी में मतलब

'सोनवा के पिंजरा'यानी सोने का पिंजरा. गीत में बेटी की बिदाई का सीन दिखाया गया है. वहीं गाने के लिरिक्स शादी के बाद मायके से विदा होने दर्द बयां करता है.  'सोनवा के पिंजरा में बंद भईल हाय राम, चिरई के जियरा उदास' का अर्थ है सोने के पिंजरे में बंद चिड़िया (बेटी) का मन उदास है क्योंकि वह विदा हो रही है. 

'टूट गईल डालिया छितर गईल छोटबा, छूट गईल नील रे आकाश' का अर्थ है, जिस डाल पर चिड़िया रहती थी वह टूट गई, उसका छोटा-सा संसार बिखर गया और खुला नीला आसमान भी उससे छूट गया. 'छल-छल नैना निहारे चुपके रही, चलली बिदेसवा रे मईया के दुआर'
आंसुओं से भरी आंखों से वह चुपचाप अपनी मां के आंगन को देखती हुई ससुराल के लिए रवाना हो गई. 

'आंसुओं के मोतियां निसानी मोरे बाबुला, धारी गईनी हमको रे पार' इस लाइन का अर्थ है, पिता के लिए वह अपने आंसुओं की मोती जैसी निशानी छोड़ गई. बाबुल ने उसे एक किनारे से दूसरे किनारे पहुंचा दिया. 'छल-छल रह गईली संग कि सहेलियां, ले गई बांध के निठुर रे बहेलिया' का अर्थ है, उसकी सहेलियां रोती-बिलखती पीछे रह गईं और एक निष्ठुर बहेलिया (पति) उसे अपने साथ ले गया. 'मोरे मन मितवा भुला दे अब हमरा के, छोड़ दे मिलन की तू आस.' का अर्थ है, बेटी अपने प्रिय से कह रही है कि अब मुझे भूल जाओ और मिलने की उम्मीद भी छोड़ दो, क्योंकि अब हमारा साथ संभव नहीं है. 

ये भी पढ़ें- रानी चटर्जी-काजल राघवानी की नोकझोंक वाला भोजपुरी गाना,'म्याऊं-म्याऊं'-'छांव-छांव' करती दिखीं बड़की बहू छोटकी बहू 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Mohammad Rafi, Mohammad Rafi Bhojpuri Songs, Bollywood, Bhojpuri Song
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com