डॉ शाह आलम राना
कॉलमिस्ट
डॉक्टर शाह आलम राना भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन पर पिछले करीब तीन दशक से काम कर रहे हैं. उन्होंने इस विषय पर कई महत्वपूर्ण पुस्तक लिखी हैं और दस्तावेजी फिल्में बनाई हैं. इसके अलावा उन्होंने बस्ती और चंबल घाटी में दो संग्रहालयों की स्थापना की है. वे महुआ डाबर के महानायक क्रांतिकारी-शहीद जमीदार जफर...
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महुआ डाबर: वह गांव जिसे अंग्रेजों ने जलाकर मिटा दिया, उसकी चीख नहीं मिटा सके
भारत की आजादी की लड़ाई में आज के बस्ती जिले के गांव महुआ डाबर का योगदान उल्लेखनीय है. लेकिन उसके योगदान को इतिहास में जगह नहीं मिली. इस स्वतंत्रता दिवस पर महुआ डाबर के इतिहास पर नजर डाल रहे हैं डॉक्टर शाह आलम राना.
- अगस्त 15, 2026 05:21 am IST
- Written by: डॉ शाह आलम राना