संसद मानसून सत्र: क्‍या बदलने वाली है राजनीति की तस्‍वीर?

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  • प्रकाशित: जुलाई 20, 2026

इस बार के मानसून सत्र को लेकर चर्चा है कि यह देश की राजनीति की दिशा बदल सकता है. सरकार एक नया संविधान संशोधन बिल लाने की तैयारी में है, जिसमें दो बड़े प्रस्ताव शामिल हैं - पहला, महिला आरक्षण को 2029 तक लागू करना और दूसरा, लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करना. ये दोनों बिल अप्रैल में विशेष सत्र में पारित नहीं हो पाए थे और इन्हें पास कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत यानी 360 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी. हालांकि, आंकड़ों के लिहाज से अभी भी सरकार के लिए राह आसान नहीं है, लेकिन पिछले दिनों जिस तरह से दूसरे दलों में टूट-फूट हुई है और TMC के 28 में से 20 सांसदों व शिवसेना UBT के 6 सांसदों के NDA के समर्थन में आने से समीकरण बदले हैं, उससे इस सत्र में कुछ बड़ा होने की संभावना बढ़ गई है. इसी वजह से कहा जा रहा है कि 2026 का मानसून सत्र भी 1991, 2019 और 2016 की तरह निर्णायक साबित हो सकता है और देश की राजनीतिक तस्वीर बदल सकता है.

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