उत्तर प्रदेश कभी बीमारू राज्यों की श्रेणी में गिना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी के बड़े नेटवर्क पर जोर दिया गया है. दावा किया जाता है कि इन परियोजनाओं ने लोगों की यात्रा आसान बनाई है और विकास को गति दी है. हालांकि विपक्ष सवाल उठाता है कि कई एक्सप्रेसवे और सड़कों की हालत समय से पहले खराब हो गई, कुछ परियोजनाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हुए. ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या एक्सप्रेसवे का यह जाल वास्तव में लोगों की जिंदगी बदल रहा है या नहीं?