पश्चिम बंगाल की सियासत में इस वक्त भूचाल आया हुआ है. एक तरफ टीएमसी नेताओं के भ्रष्टाचार के सबूत अक्षरशः जमीन फाड़कर बाहर आ रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुरानी सरकारी योजनाओं में लाखों फर्जी नामों का भंडाफोड़ हुआ है.
खेत से निकले नोटों के ट्रॉली बैग
उत्तर 24 परगना जिले में टीएमसी नेता दीपंकर भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के बाद एक हैरान करने वाला सच सामने आया है. पुलिस ने जब एक खेत की खुदाई की, तो अंदर से 500-500 के नोटों से भरे कई ट्रॉली बैग्स और बोरियां बरामद हुईं. स्थानीय लोगों का दावा है कि ये रकम करोड़ों में है. आखिर ये काला धन किसका था?
'लक्ष्मी भंडार' योजना का महाघोटाला
ममता बनर्जी सरकार की 'लक्ष्मी भंडार' योजना में करीब 30 लाख फर्जी लाभार्थियों का खुलासा हुआ है. चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से कई तो भारत के नागरिक ही नहीं हैं! सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मामले की सख्त जांच के आदेश दे दिए हैं और असली हकदारों को 'अन्नपूर्णा योजना' के तहत 3000 रुपये देने का वादा किया है.
नंदीग्राम में TMC को उम्मीदवार का टोटा
क्या टीएमसी में भगदड़ मच गई है? सीएम शुभेंदु अधिकारी के सीट खाली करने के बाद नंदीग्राम में उपचुनाव होना है, लेकिन टीएमसी को यहां से चुनाव लड़ने के लिए कोई नेता ही नहीं मिल रहा है. पार्टी के बड़े नेताओं ने कदम पीछे खींच लिए हैं.
बंगाल की सियासत में हो रहे इस चौतरफा एक्शन की पूरी इनसाइड स्टोरी जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें.