कांवड़ यात्रा के मार्ग पर आस्था का एक ऐसा रंग देखने को मिला जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. 3 करोड़ की महंगी 'डिफेंडर' (Defender) कार, मर्सिडीज (Mercedes), फॉर्च्यूनर (Fortuner), स्कॉर्पियो और थार जैसी लक्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ चल रहे एक शिव भक्त हरिद्वार से नोएडा तक पैदल कांवड़ ला रहे हैं. इतनी महंगी गाड़ियां होने के बावजूद वे खुद जमीन पर नंगे पैर चल रहे हैं. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भोले की भक्ति के सामने इन भौतिक गाड़ियों की कोई औकात नहीं है. उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि पहले 'लाल टोपी' (सपा सरकार) के शासनकाल में कांवड़ियों को सुरक्षा नहीं मिलती थी और रात में जल तक चोरी हो जाता था, लेकिन आज योगी सरकार के राज में कांवड़िए पूरी सुरक्षा और गर्व के साथ यात्रा पूरी कर रहे हैं. भक्ति का दूसरा रूप दिल्ली के रणजीत सिंह के रूप में देखने को मिला. रणजीत सिंह पेशे से डॉक्टर की तरह पिछले 25 वर्षों से हर साल कांवड़ मार्ग पर आकर सेवा शिविर लगाते हैं. सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने के कारण जिन कांवड़ियों के पैरों में छाले पड़ जाते हैं या चोट लग जाती है, रणजीत सिंह उनके पैरों में मरहम-पट्टी करते हैं और मालिश कर उनका दर्द दूर करते हैं. उन्होंने बताया कि साल 1999 में जब वे खुद कांवड़ लेकर आए थे, तब उन्हें कांवड़ियों की इस पीड़ा का एहसास हुआ था. तब से लेकर आज तक वे हर साल 3 से 10 तारीख तक कांवड़ मार्ग पर बिना थके मुफ्त सेवा प्रदान कर रहे हैं.