मथुरा के जुलेदी स्थित चित्रगुप्त पीठ में श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को लेकर देशभर (हरिद्वार, काशी, प्रयागराज आदि) से आए साधु-संतों ने एक बड़ा ऐलान किया है. संतों ने 6 दिसंबर को 'कार सेवा' करने की घोषणा की है और "कृष्ण लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे" का नारा दिया है. सावन मास और कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए फिलहाल कोई मार्च नहीं निकाला गया, लेकिन 13 अखाड़ों के संतों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ और हवन-पूजन संपन्न हुआ. संतों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा है. इसमें जन्मभूमि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की प्रमुख मांग की गई है. पीठ के पीठाधीश स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने स्पष्ट किया कि यह 1990 जैसी कार सेवा (ढांचा गिराने वाली) नहीं है, बल्कि यह शांतिपूर्ण तरीके से धर्म के कार्य का प्रथम चरण है. हालांकि, उन्होंने प्रशासन पर रात में 'शिला पूजन' का पत्थर हटाने और बाहर से आ रहे संतों को रोकने का आरोप भी लगाया है.