4 अगस्त को थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में हुए गंभीर टर्बुलेंस (हवा के झटके) मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है. इस उड़ान के दौरान विमान अचानक हवा में कई सौ फीट नीचे आ गया था, जिससे विमान में सवार कई यात्री और क्रू सदस्य घायल हो गए थे. अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि इस घटना के बाद विमान के पायलट का जो डोप टेस्ट (Dope Test) किया गया है. हालांकि, डोप टेस्ट की रिपोर्ट को एयर इंडिया ने अभी सार्वजनिक नहीं किया है.
सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल पायलट को सस्पेंड कर दिया गया है. उड्डयन मंत्रालय इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है. जांच में केवल डोप टेस्ट ही नहीं, बल्कि खराब मौसम, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और फ्लाइट को नजदीकी एयरपोर्ट पर डायवर्ट न करने जैसी संभावित लापरवाहियों की भी जांच की जा रही है. नियमों के मुताबिक, अगर पायलट का डोप टेस्ट सच में पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे रिहैब के लिए भेजा जाएगा. दूसरी बार पॉजिटिव आने पर 3 साल के लिए लाइसेंस रद्द होता है, और तीसरी बार में परमानेंट कैंसिलेशन का प्रावधान है. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी साफ कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.