झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का आंदोलन बेहद उग्र हो गया है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 15 दिनों से छात्र अनिश्चितकालीन सत्याग्रह और अनशन पर बैठे हैं. आंदोलनकारी छात्रों ने आगामी 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करने का भी ऐलान किया है. आंदोलन के बीच राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलकर उनके आंदोलन को अपना खुला समर्थन दिया है. इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर धार देने के लिए बॉलीवुड के जाने-माने संगीतकार, लेखक और अभिनेता पीयूष मिश्रा भी रांची पहुंचे और छात्रों का हौसला बढ़ाया.सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए प्रदर्शन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं.
छात्रों और झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच रांची के सरकारी गेस्ट हाउस में दो दौर की उच्च स्तरीय वार्ता हो चुकी है. छात्रों ने सरकार के समक्ष जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने, कथित धांधली की सीबीआई (CBI) या सेवानिवृत्त जज से निष्पक्ष जांच कराने, पेपर लीक की जिम्मेदार बाहरी एजेंसियों को हटाने और कड़े रिफॉर्म्स लागू करने की मांगें रखी हैं. इसके अलावा, छात्रों ने उत्पाद सिपाही दौड़ के दौरान जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की भी मांग की है. हालांकि वार्ता में अभी तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है, लेकिन सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार जेपीएससी परीक्षा रद्द करने पर गंभीरता से विचार कर रही है और सुझावों के लिए ईमेल आईडी भी जारी की है. आंकड़ों के लिहाज से यह मुद्दा बेहद संवेदनशील है, क्योंकि झारखंड में करीब 30.7% आबादी युवा वोटर्स की है, जो आने वाले विधानसभा चुनावों में सत्ता की चाबी तय करेंगे.