मुंबई की लाइफलाइन यानी लोकल ट्रेन, रोज़ाना जिससे 75 लाख से ज्यादा मुसाफिर सफर करते हैं। खचाखच भरी इन लोकल ट्रेनों में औसतन हर दिन 10 मुसाफिरों की मौत भी होती है। हालात बदले नहीं तो ये आंकड़े और बढ़ सकते हैं। गणेशोत्सव के 5वें दिन ही शहर के तीनों रूट मिलाकर 14 मुसाफिरों की मौत हो गई।