Mahatma Award
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8 ऑस्कर जितने वाली वो फिल्म, जिसमें भारतीय नेता का बजा था डंका, 44 साल पहले आई, 183 करोड़ में बनी कमा ले गई 1050 करोड़
- Saturday March 14, 2026
- Written by: शिखा यादव
भगत सिंह से लेकर झांसी की रानी तक आजादी की लड़ाई के कई नायकों पर फिल्में बनी और लोगों ने इन्हे काफी पसंद भी किया. लेकिन एक फिल्म जिसने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि ऑस्कर अवार्ड तक जीत आई और वो भी एक नहीं आठ. इस फिल्म ने 1000 करोड़ से अधिक का कारोबार किया था.
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मनीष सिसोदिया शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए 'महात्मा पुरस्कार' से सम्मानित
- Saturday January 30, 2021
- Reported by: शरद शर्मा
दिल्ली (Delhi) के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने आज कहा है कि आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ मनाते वक्त हमें तीस जनवरी के इस दुर्भाग्यपूर्ण दिन को भी याद करना होगा. महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की हत्या वाली विचारधारा को मानने वाले चंद लोग आज भी बापू की विचारधारा की हत्या निरंतर कर रहे हैं. सिसोदिया ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अगले साल महात्मा गांधी की 75वीं पुण्यतिथि भी है. हमें यह समझना होगा कि एक सपने के लोगों द्वारा दूसरे सपने की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है. 'महात्मा पुरस्कार' (Mahatma Award) समारोह में मुख्य अतिथि के बतौर मनीष सिसोदिया ने यह बात कही. इसमें उनको शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए 'महात्मा पुरस्कार' से सम्मानित किया गया.
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Gandhi Jayanti: आखिर महात्मा गांधी को क्यों कभी नहीं मिला शांति का नोबेल पुरस्कार
- Wednesday October 2, 2019
- Written by: अर्चित गुप्ता
Gandhi Jayanti 2019: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) पूरी दुनिया में सत्य और अहिंसा के पुजारी के रूप में जाने जाते हैं. अहिंसा के बल पर देश को अंग्रेजों के शासन से आजाद कराने वाले बापू ने देश में शांति बनाए रखने के लिए क्या कुछ नहीं किया. गांधी जी (Mahatma Gandhi) 20वीं सदी में अहिंसा के सबसे बड़े प्रतीक बने और यही कारण रहा है कि उन्हें कई बार शांति का नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया. गांधी जी सन 1937, 1938, 1939, 1947 और 1948 में शांति का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) के लिए नॉमिनेट हुए. लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि उन्हें एक बार भी नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला. Nobelprize.org पर दी गई जानकारी के मुताबिक 1937 में पहली बार नॉर्वे की संसद “स्टॉर्टिंग” के लेबर पार्टी सदस्य ओले कोल्बजोर्नसन ने गांधी (Gandhi) का नाम सुझाया था.
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महात्मा गांधी को मिल सकता है अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, कानून पेश करने की तैयारी
- Monday August 20, 2018
- भाषा
अमेरिका की एक प्रभावशाली सांसद ने कहा है कि वह महात्मा गांधी को मरणोपरांत अमेरिका के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘कांग्रेसनल स्वर्ण पदक’ दिए जाने के लिए एक ऐतिहासिक कानून पेश करेंगी. दुनिया भर में नागरिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन चलाने की प्रेरणा देने के लिए गांधी को यह सम्मान दिए जाने का प्रस्ताव रखा जाएगा.
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8 ऑस्कर जितने वाली वो फिल्म, जिसमें भारतीय नेता का बजा था डंका, 44 साल पहले आई, 183 करोड़ में बनी कमा ले गई 1050 करोड़
- Saturday March 14, 2026
- Written by: शिखा यादव
भगत सिंह से लेकर झांसी की रानी तक आजादी की लड़ाई के कई नायकों पर फिल्में बनी और लोगों ने इन्हे काफी पसंद भी किया. लेकिन एक फिल्म जिसने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि ऑस्कर अवार्ड तक जीत आई और वो भी एक नहीं आठ. इस फिल्म ने 1000 करोड़ से अधिक का कारोबार किया था.
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मनीष सिसोदिया शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए 'महात्मा पुरस्कार' से सम्मानित
- Saturday January 30, 2021
- Reported by: शरद शर्मा
दिल्ली (Delhi) के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने आज कहा है कि आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ मनाते वक्त हमें तीस जनवरी के इस दुर्भाग्यपूर्ण दिन को भी याद करना होगा. महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की हत्या वाली विचारधारा को मानने वाले चंद लोग आज भी बापू की विचारधारा की हत्या निरंतर कर रहे हैं. सिसोदिया ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अगले साल महात्मा गांधी की 75वीं पुण्यतिथि भी है. हमें यह समझना होगा कि एक सपने के लोगों द्वारा दूसरे सपने की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है. 'महात्मा पुरस्कार' (Mahatma Award) समारोह में मुख्य अतिथि के बतौर मनीष सिसोदिया ने यह बात कही. इसमें उनको शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए 'महात्मा पुरस्कार' से सम्मानित किया गया.
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Gandhi Jayanti: आखिर महात्मा गांधी को क्यों कभी नहीं मिला शांति का नोबेल पुरस्कार
- Wednesday October 2, 2019
- Written by: अर्चित गुप्ता
Gandhi Jayanti 2019: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) पूरी दुनिया में सत्य और अहिंसा के पुजारी के रूप में जाने जाते हैं. अहिंसा के बल पर देश को अंग्रेजों के शासन से आजाद कराने वाले बापू ने देश में शांति बनाए रखने के लिए क्या कुछ नहीं किया. गांधी जी (Mahatma Gandhi) 20वीं सदी में अहिंसा के सबसे बड़े प्रतीक बने और यही कारण रहा है कि उन्हें कई बार शांति का नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया. गांधी जी सन 1937, 1938, 1939, 1947 और 1948 में शांति का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) के लिए नॉमिनेट हुए. लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि उन्हें एक बार भी नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला. Nobelprize.org पर दी गई जानकारी के मुताबिक 1937 में पहली बार नॉर्वे की संसद “स्टॉर्टिंग” के लेबर पार्टी सदस्य ओले कोल्बजोर्नसन ने गांधी (Gandhi) का नाम सुझाया था.
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महात्मा गांधी को मिल सकता है अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, कानून पेश करने की तैयारी
- Monday August 20, 2018
- भाषा
अमेरिका की एक प्रभावशाली सांसद ने कहा है कि वह महात्मा गांधी को मरणोपरांत अमेरिका के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘कांग्रेसनल स्वर्ण पदक’ दिए जाने के लिए एक ऐतिहासिक कानून पेश करेंगी. दुनिया भर में नागरिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन चलाने की प्रेरणा देने के लिए गांधी को यह सम्मान दिए जाने का प्रस्ताव रखा जाएगा.
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